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बिहार में चुनाव प्रचार का दूसरा चरण जारी है। राजनेता जनता के मन को टटोलने में लगे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार ने आरक्षण पर बयान देकर अलग जंग शुरू कर दी है। पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में चुनाव जनसभा करने पहुंचे नीतीश कुमार ने कहा कि हम तो चाहेंगे कि जितनी आबादी है, उसके हिसाब से आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए । इसमें हम लोगों की कहीं से कोई दो राय नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक संख्या का सवाल है, जनगणना होगी तब उसके बारे में फैसला होगा। यह फैसला हमारे हाथ में नहीं है ।

वोट की नहीं है चिंता

सीएम नीतीश कुमार ने कहा मैं वोट का लालची नहीं हूं। आपने पहले आशीर्वाद दिया था, आप के लिए खूब काम किया है। आगे सेवा का मौका देंगे तो फिर बिहार को नई तरक्की पर लेकर जाएंगे। इस बार जो कमी बच गई है उसे पुरा करेंगे।

गौरतलब है, वाल्मीकि नगर में थारू जाति के काफी वोट हैं और ये जाति जनजाति में शुमार करने की मांग उठा रही है। इसी का समर्थन करते हुए नीतीश ने कहा कि जनगणना हम लोगों के हाथ में नहीं है, लेकिन हम चाहेंगे कि जितनी लोगों की आबादी है, उस हिसाब से लोगों को आरक्षण मिले।

एनडीए सरकार में विकास

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो, पश्चिम चंपारण के हडनाटांड़ व सिकटा में चुनावी सभा में कहा कि हमारी सरकार के नेतृत्व में बिहार का बजट 23 हजरा करोड़ से बढ़कर लगभग ढ़ाई लाख करो़ड़ हो गया। बिहार की 80 प्रतिशत जनता को साफ जल मुहैया कराया है। साथ ही बिहार से अंधेरा दूर किया है। हर गांव को पक्की नली-गली से जोड़ने का कार्य एनडीए सरकार ने किया है। एनडीए शासन में बिहार में लोगों की आमदनी बढ़ी है।  कुछ लोग बकवास में  विश्वास करते हैं, हमें तो विकास और जनता की सेवा में भरोसा है।

नीतीश कुमार आगे कहते हैं, एनडीए के राज में बिहार अपराध मुक्त हुआ है। हाल ही में प्रकाशित अपराध अभिलेख ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार अपराध के मामले में बिहार 23वें स्थान पर है, जो बहुत बड़ी उपलब्धि है। चाहे अपराध हो, भ्रष्टाचार हो, साम्प्रदायिकता हो, हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आह्वान पर शराबबंदी लागू की, जिसका अच्छा परिणाम सामने आ रहा है। हालांकि इससे दारूबाज एवं धंधेबाज दुखी हैं। जिनकी वे परवाह नहीं करते।

नहीं हुआ भेदभाव

सीएम कहते हैं, न्याय के साथ सभी इलकों को विकास की राह दी गई है। जातिगत भेदभाव नहीं हुआ है। हर तबके का विकास  किया है। महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया। आज समाज में शांती का माहौल है। पहले दंगों का माहौल था, लोग घर से निकलने में डरते थे। रात में कोई बाहर नहीं निकलना चाहता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौबीस हजार करोड़ रुपये की लागत से जल-जीवन-हरियाली जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारा। नए आईटीआई, पारा मेडिकल कॉलेज, एएनएम कॉलेज, नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई।

35 प्रतिशत आरक्षण

नीतीश कुमार अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहते हैं, सरकारी सेवा एवं पुलिस सेवा में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया, वहीं प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया। पहले बिहार लालटेन युग में था। शहरों में बिजली नहीं मिलती थी। हमसे पहले जिन लोगों को राज करने का मौका मिला था, उनके समय में मात्र सात सौ मेगावाट बिजली की खपत थी। पांच साल के अंदर हमने घर-घर बिजली पहुंचाने का समय एवं लक्ष्य से पहले कार्य पूरा किया। बिहार का बजट पहले 23885 करोड़ था, अब 2.11 लाख करोड़ से ज्यादा का है।

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