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देश के लिए गौरव दिवस माने जाने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में नेताओं के बैठने की व्यवस्था का खुलासा होते ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। राजपथ पर हुए भव्य और आन बान और शान की तस्वीर दिखाती परेड़ के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पीछे की पंक्तियों में बैठे दिखे।  खबरों के मुताबिक उनके बैठने का इंतजाम चौथी पंक्ति में किया गया था। लेकिन आयोजित समारोह में राहुल गांधी छठी पंक्ति में बैठे नजर आए। समारोह में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहे। और उन्होंने पहली पंक्ति में बैठकर समारोह का आनंद लिया। कांग्रेस ने इस पर नाराजगी भी जाहिर की। पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘ओछी राजनीति जगजाहिर’ हो गई है। इसपर बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस बेमतलब के मुद्दों को हवा देती है। बीजेपी की ओर से कहा गया कि सीटें तय करने में प्रोटोकॉल का ध्यान रखा गया ।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर अंहकारी शासकों ने सारी परंपराओं को दरकिनार करके पहले चौथी पंक्ति और फिर छठी पंक्ति में जानबूझकर बिठाया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए संविधान का उत्सव ही सर्व प्रथम है। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी टैग की है जिसमें राहुल गांधी को काफी पीछे बैठे दिखाया गया है और उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद बैठे हुए हैं।

इस पर जवाब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के कार्यकाल में गणतंत्र दिवस समारोह में भाजपा अध्यक्ष के तौर पर राजनाथ जी और नितिन गडकरी जी को कहां बैठाया जाता था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में भाजपा नेताओं को विशिष्ट दीर्घा में बैठने की जगह नहीं दी जाती थी, लेकिन भाजपा स्वस्थ लोकतंत्र में विश्वास रखती है, वह कांग्रेस जितना नीचे नहीं गिर सकती।

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