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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को लोकसभा में आम बजट 2018 पेश कर दिया। इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गईं। शिक्षा, बेरोजगारी, रेल व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, टैक्स छूट, किसान कर्ज आदि में मोदी सरकार ने जनता का बेड़ा पार लगाया है। सरकार ने इस बजट में जनता को कई नई सौगातें दी हैं जो कि निम्नलिखित है-

1. मोदी सरकार में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या थी लेकिन सरकार ने अब लाखों लोगों को रोजगार देने की ठानी है। संसद में आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में 70 लाख लोगों को नौकरी देगी। साथ ही रोजगार में इजाफा देने के लिए अन्य कदम उठाए जाएंगे। इस बजट के माध्यम से सरकार की ओर से स्कॉलरशिप देने का वादा किया गया है, जिससे मेधावी छात्र बिना पैसे के बिना किसी टेंशन की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा सरकार ने 3 लाख करोड़ लोगों को मुद्रा योजना का लक्ष्य रखा है, जिससे कई बेरोजगार अपना व्यापार शुरू कर सकेंगे. इस दौरान जेटली ने कहा कि हर जिले में स्किल सेंटर खोले जाएंगे। बजट में ये भी कहा गया है कि नई नौकरियों में 12 फीसदी EPF सरकार की ओर से दी जाएगी।

2. यह मोदी सरकार का पांचवां बजट है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बजट में कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। आम बजट 2018 में किसान कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ का फंड बनाने की बात की गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भाषण में कहा कि सरकार किसानों की आमदनी को साल 2022 तक दोगुना करने की कोशिश कर रही है। आम बजट 2018 में सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड पशुपालकों को देने का ऐलान किया। वहीं अरुण जेटली ने अपनी स्पीच में बताया कि 22 हजार कृषि बाजार के तौर पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 27.5 करोड़ टन अनाज का उत्पादन हुआ। वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक, खरीफ का समर्थन मूल्य उत्पादन मूल्य का दोगुना होगा। जेटली के मुताबिक, सरकार का पूरा फोकस गांवों पर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ईज ऑफ लिविंग पर जोर दे रही है।

3. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने सैलरीड क्लास के मौजूदा टैक्सेबल इनकम में से 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन कर दिया। यानी जितनी सैलरी पर टैक्स बनेगा, उसमें से 40 हजार घटाकर टैक्स देना होगा। साथ ही, हाउस ऐंड ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर भी मामूली राहत का ऐलान किया गया। इसका 2.5 करोड़ सैलरीड और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा।

4. गरीबों के लिए भी मोदी सरकार ने सोने का पिटारा खोला है। उन्होंने देश के हर एक गरीब को 5 लाख तक का कैश मेडिकल सुविधा मुहैया करवाया है। इससे देश के 40 फीसदी लोगों को फायदा होगा। जेटली ने कहा कि 10 करोड़ परिवार को इससे फायदा होगा। इसके अलावा वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वर्ष 2022 तक देश के हर एक गरीब के पास अपना घर होगा। उन्होंाने गरीब और मध्यकम वर्ग के लोगों को होम लोन में भी राहत देने की घोषणा की है। वित्तमंत्री ने कहा कि खेती का बाजार मजबूत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कृषि सिंचाई योजना के लिए 2600 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।

5. शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरकार ने आधुनिक शिक्षा को महत्व दिया है। इसके साथ ही आदिवासियों की शिक्षा पर भी खासा ध्यान दिया गया है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए साल 2018-19 में 9975 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साल 2022 तक शिक्षा में आधारभूत सुविधाओं और प्रणालियों को पुन: मजबूत बनाने के लिए अगले चार सालों में एक लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान किया गया है। जेटली ने बताया कि ऐसे क्षेत्र जहां आदिवासियों की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा होगी वहां आदिवासियों के लिए आवासीय एकलव्य स्कूलों की स्थापना की जाएगी। ये स्कूल नवोदय की तर्ज पर आवासीय विद्यालय होंगे। जेटली ने कहा कि 13 लाख से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग दिए जाने का लक्ष्य है। देश में 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। जेटली ने कहा शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से ट्रेंड करेंगे। स्कूलों में ब्लैकबोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्र सरकार स्कूली टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी।

6. रेल व्यवस्था पर जोर देते हुए सरकार ने भारतीय रेलवे को दुरुस्त करने का काम किया है। रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ खर्च होंगे। देश के 600 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। पटरी, गेज बदलने जैसे कामों पर बड़ी राशि खर्च होगी। वित्तमंत्री ने घोषणा की कि अब भारतीय रेल ब्रॉडगेज हो जाएगी। नेरोगेज ट्रैक खत्म कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही मुंबई लोकल का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। मुंबई में 90 किमी नेटवर्क का विस्तार होगा। सभी मार्गों को ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया जाएगा। स्टेशनों पर वाइफाइ सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। रेलवे ने सभी मार्गों का विद्युतीकरण करने का फैसला किया है। इसलिए बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरत है। रेलवे में सिग्नलों का ऑटोमेशन तथा पुरानी पटरियों को बदलना भी शामिल है। रेलवे की बेकार पड़ी जमीन का कारोबारी उपयोग किया जाएगा। 3 हजार 600 किमी नई रेल लाइन बिछाने का काम होगा। 600 स्टेशन आधुनिक बनाए जाएंगे। 18000 किमी के रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण किया जाएगा।

  1. टैक्स की बात करें तो मोदी सरकार ने इसमें भी कुछ परिवर्तन किए हैं। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2018 मेंकहा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी बढ़ा है। यह काले धन के खिलाफ मुहिम का असर है। टैक्स देने वाले 19.25 लाख लोग बढ़े हैं। बजट 2018 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस बार सरकार का इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ रुपए बढ़ा है। बजट 2018 में किसानों के लिए उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में 100 फीसदी की छूट दी गई है। सरकार ने 1 फीसदी सेस बढ़ा दिया है। पहले सेस 3 फीसदी था अब इसे बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी को भी बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। अब मोबाइल, टीवी से लेकर विदेशी पैन तक खरीदने के लिए ज्यादा रुपए देने होंगे। वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष में विकास दर 7.2 से लेकर 7.4 फीसदी तक रहने का अनुमान लगाया है। इसके अलावा एक्सपोर्ट में भी 17 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। सरकार को 5.95 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

8. इस बार राजनेताओं को भी खुशखबरी दी गई है। बजट 2018 में नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी देगी। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल की सैलरी बढ़ाई जाएगी। बढ़ने के बाद राष्ट्रपति की सैलरी 5 लाख रुपए महीने हो जाएगी। वहीं उपराष्ट्रपति की सैलरी 4 लाख रुपए महीने और राज्यपाल की सैलरी 3.5 लाख रुपए महीने हो जाएगी। सांसदों के भत्ते हर पांच साल में बढ़ेंगे।

9. स्वास्थ्य व्यवस्था पर मोदी सरकार ने कई योजनाएं आरंभ की। उन्होंहने दुनिया में सबसे बड़ी हेल्‍थ इंश्योररेंस स्कीकम का ऐलान किया। कहा कि अब 10 करोड़ गरीब परिवारों के करीब 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्साड सुविधा मिलेगी। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की है। इससे देश के 40 फीसदी लोगों को फायदा होगा। जेटली ने कहा कि 10 करोड़ परिवार को इससे फायदा होगा।

10. सरकार का फोकस ग्रामीण अर्थव्यव्सथा को भी मजबूत करने में है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने ग्रामीण अर्थव्यथवस्‍था को मजबूत करने की घोषणा की है। उन्होंमने कहा कि हम इस साल खेती को मजबूत करने पर ध्याीन देंगे। उन्होंंने कहा कि हमारी सरकार रोजमर्रा की जिंदगी में सरकारी दखल को कम-से-कम करने की कोशिश करेगी। इसके अलावा उन्हों ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों के 80 हजार करोड़ के शेयर बेच देगी। वित्तमंत्री जेटली ने सांसदों के वेतन को भी बढ़ाए जाने की बात कही है। इसके साथ ही उज्व् नेला और सौभाग्य योजना के तहत गैस और बिजली पर ध्यासन देने की बात की है। गरीब व मध्यम वर्ग के जीवन को सुगम बनाने पर जोर देते हुए उन्होंीने कहा कि तीन हजार से अधिक जन औषधि केंद्रों में 800 से ज्यादा दवाइयां मुफ्त मिल रही है। उन्होंोने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा पशुपालकों और मत्स्य पालकों को भी दी जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि पशुपालन एवं मत्स्यपालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये के दो नए कोष बनाई जाएगी। जेटली ने अपने भाषण में अगले वित्त वर्ष में दो करोड़ शौचालय बनाने के लक्ष्य का भी जिक्र किया।

बजट पेश होने के बाद देखिए लोगों की प्रतिक्रियाएं-

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