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वित्तीय संकट में फंसी सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड यानी BSNL ने उम्मीद जताई है कि कंपनी के लगभग 80 हजार कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्कीम यानी VRS का चयन कर सकते हैं। इससे कंपनी को सैलरी के मद में हर महीने करीब 600 करोड़ रुपये की बचत होगी।

BSNL का अनुमान है कि अगर ऐसा हुआ तो इससे हर साल 7 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी, और इस तरह से कंपनी पांच साल के भीतर फायदे में आ जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, BSNL के करीब 70 हजार कर्मचारी पहले ही VRS का विकल्प चुन चुके हैं। और उम्मीद है कि दिसंबर में स्कीम के खत्म होने से पहले और अधिक तादाद में कर्मचारी VRS ले सकते हैं। इससे पहले सरकार ने उम्मीद जताई थी कि BSNL के करीब 58 हजार कर्मचारी VRS स्कीम का चयन कर सकते हैं, लेकिन ये संख्या पार कर चुकी है।

बता दें कि BSNL देश की सबसे बड़ी लॉस-मेकिंग सरकारी कंपनी है। वित्त वर्ष 2018-19 में इसका नुकसान बढ़कर लगभग 14 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।

महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (MTNL) ने भी अपने कर्मचारियों के लिए VRS लॉन्च किया है। केंद्र सरकार ने पिछले महीने MTNL और BSNL को एक साथ लाने की योजना को मंजूरी दी थी।

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