अब तक दुनियाभर में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग कोरोना महामारी की चपेट में आ चुके है. कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. भारत में कोरोना मरीजों की संख्या चालीस लाख के करीब पहुंच चुकी है. वहीं इस महामारी की वजह से अब तक 68 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवा दी है.

लेकिन अभी तक कोरोना महामारी का कोई सटीक इलाज दुनिया को नहीं मिल पाया है हालांकि रुस ने कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा तो किया है, लेकिन अभी तक इस वैक्सीन को WHO  ने मान्यता नहीं दी है. रुस की वैक्सीन सफल है भी या नहीं इस बात पर संदेह है. दुनिया के सभी देश कोरोना का सटीक इलाज ढूंढने और वैक्सीन बनाने में लगे हुए है. इस दिशा में दुनिया के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को कब सफलता मिलेगी इस बारे में भी कुछ निश्चित नहीं है. कोरोना से बचने का वर्तमान समय में बचाव ही एक मात्र उपाय है, हालांकि ये भी माना गया है कि कोरोना वायरस से उन लोगों को कम खतरा है जिनका इम्युनिटी सिस्टम मजबूत है.

कोरोना से लड़ने में आयुर्वेद भी अहम भूमिका निभा रहा है. कोरोना का सही इलाज ढूंढने के लिए आयुर्वेद का भी सहारा लिया जा रहा है. क्योंकि कोरोना से लड़ने में इम्यूनिटी सिस्टम का अहम योगदान है. ऐसी बहुत ही औषधियां है. जिसने सेवन से इंसान के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. खुद आयुष मंत्रालय की तरफ से लोगों को कोरोना के खतरे को कम करने के लिए काढ़ा पीने की सलाह दी गयी है. अश्वगंधा, चिरायता, गिलोय, मुलैठी, तुलसी को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी कारगर माना जाता है. भारत में जिन कोरोना मरीजों को होम क्वारंटाइन किया गया है. उनके इलाज में होम्योपैथ और आयुर्वेदिक दवाओं का भी सहारा लिया जा रहा है शुरूआती कोरोना मरीजों में आयुर्वेदिक दवाओं के इस्तेमाल से उनकी रोक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है, जिससे कोरोना मरीजों को रिकवर होने में काफी मदद भी मिली है.

वहीं योग के मामले में भी यहीं बात सामने आयी है. नियमित रुप से योगाभ्यास करने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे हमे किसी भी बीमारी से लड़ने में फायदा भी मिलता है. इम्युनिटी सिस्टम स्ट्रांग होने से यदि इंसान कोरोना वायरस की चपेट में आता है तो उसके जल्द ठिक होने की संभावना ज्यादा होती है. कोरोना संक्रमित मरीजों में ये देखा गया है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है वो लोग कुछ दिनों के ही इलाज के बाद पूरी तरह ठिक हो गये. इसका मतलब ये है कि कोरोना भी उन लोगों पर ज्यादा प्रभावी है जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर है.  कोरोना से लड़ने के लिये जरूरी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करने के साथ योगासन मानसिक शक्ति का विकास कर लोगों को अवसाद के खतरे से बचाने में महती भूमिका अदा कर सकता है।  कोरोना वायरस का एक तरीके से लोगों के मन में आतंक है ऐसे समय में योगा से न केवल मानसिक शक्ति का विकास किया जा सकता है बल्की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास कर कोरोना से मानसिक और शारिरीक दोनों स्तरों पर मजबूती से लड़ा जा सकता है और इस महामारी पर विजय हासिल की जा सकती है.

लेकिन अभी तक कोरोना का कोई निश्चित इलाज नहीं ढूंढा जा सका है इसलिए जितना हो सके एहतियात बरतने की जरुरत है. ताकि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचा जा सकते साथ ही निश्चित मात्रा में काढा और योग आसन के जरिए अपने रोग प्रतिरोध क्षमता को मजबूत बनाने की आवश्यक्ता है ताकि बीमारियों से बचा जा सके.

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