आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। इस पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौं रुपों की उपासना की जाती है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर उनसे सुख-समृद्धि की कामना करना बहुत शुभ माना गया है। पूरे नौ दिन मां भक्तों के घर में रहती हैं। भक्त व्रत रखकर मां को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। ऐसे समय में व्रत रखने वाले लोगों के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं। व्रत के समय खासा सावधानी रखनी पड़ती है। यहां आप को बता रहे है कि, व्रत के समय किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

घर में कलश स्थापित करने के बाद उसे अकेला नहीं छोड़ सकते हैं। हर समय घर में किसी न किसी का रहना आवश्यक होता है। जलता हुआ दीपक पूरे नौं दिन तक नहीं बुझना चाहिए।

नवरात्र में व्रत रखने वाली महिला या पुरुष को बाल नहीं कटवाना चाहिए। इस समय बच्चों का मुंडन भी नहीं करवाना चाहिए। कहते हैं कि, इस तरह करने से माता नाराज होती हैं।

नवरात्र में नौ दिन लहसुन और प्याज नहीं खाना चाहिए। लहसुन और प्याज से बनी किसी भी तरह के खान-पान का सेवन करने से बचे। कहते हैं कि, ये सभी मांनसाहारी आहार हैं। लहसुन को कुत्ते के नाखुन के साथ जोड़ा गया है। वहीं प्याज को कुत्ते का अड़ू कहा जाता है।

इस पावन अवसर पर काले रंग के कपड़े पहनने से बचे। नौं दिन सिलाई कढ़ाई भी नहीं करनी चाहिए। इस समय सफाई का खासा ख्याल रखना चाहिए। गंदे कपड़े नहीं पहनना चाहिए।

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि व्रत के समय शारीरिक संबंध बनाने से भी व्रत का फल नहीं मिलता है। इस समय ब्रह्मचर्य पालन करना चाहिए।

नवरात्र के नौं दिन मास – मछली बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। इसे हाथ भी नहीं लगाना चाहिए। साथ ही मास-मछली वाले बर्तन को अलग कर देना चाहिए।

नवरात्रि का व्रत रखने वाले लोगों को चमड़े की बेल्ट, चप्पल-जूते, बैग जैसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

नवरात्र से पहले नाखून को काट लेना चाहिए। पूरे नौं दिन नाखून नहीं काटना चाहिए। कहते हैं कि, पूरे नौं दिन माता का ध्यान रखना चाहिए।

यदि आप नौं दिन का व्रत रख रही हैं तो, खाने में अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। खाने में कुट्टू का आटा, समक के चावल, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना की खिचड़ी और सेंधा नमक का इस्तेमाल करना चाहिए। साथी कमजोरी से बचने के लिए सूखा मेवा खाना जरूरी है।

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