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गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद तथा सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल की ओर आज दिये गये इस बयान पर कि विपक्षी महागठबंधन के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान तथा हाल के उनके हाव-भाव (बॉडी लैंग्वेज) से ऐसा लग रहा है कि वह इससे डर गये हैं। कड़ा पलटवार किया। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि महागठबंधन दरअसल भ्रष्टाचार में डूबे और देश की जड़े खोदने वाले ऐसे दलों का गठबंधन है जिसके नेता पहले एक दूसरे का मुंह तक नहीं देखना चाहते थे।

रूपाणी ने कहा, ‘ अहमदभाई, आप क्या बात कर रहे हैं। ये दल जो एक दूसरे का चेहरा तक नहीं देखते थे केवल मोदी जी के डर से इकट्ठे हुए हैं। क्या समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और बसपा की मायावती का गठबंधन पहले कभी संभव था। देश की जनता यह सब देख रही है और वही तय करेगी कि आने वाले समय में भ्रष्टाचारियों का यह गठबंधन जीतेगा या मोदी जैसा ईमानदार नेता।’ज्ञातव्य है कि पटेल ने आज वाइब्रेंट गुजरात निवेश सम्मेलन की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े किये थे और कहा था कि सरकार को यह बताना चाहिए कि इनके जरिये कितना निवेश हुआ है। अगर वास्तव में ऐसा हुआ होता तो आज गुजरात में बेरोजगारी नहीं होती।

रूपाणी ने इस मामले में भी जवाबी हमला करते हुए कहा कि पटेल और कांग्रेस को इस विषय की समझ ही नहीं है। 15 साल पहले जब वाइब्रेंट गुजरात का पहला सम्मेलन आयोजित नहीं हुआ था तब राज्य के साणंद, बेचराजी और कच्छ जैसे आज के धमधमाते औद्योगिक केंद्रों की क्या हालत थी। इस सबके मूल में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन ही हैं। इस बार इस सम्मेलन में 135 से अधिक देशों के एक लाख से अधिक प्रतिनिधियों ने क्यों हिस्सा लिया।

 -साभार, ईएनसी टाईम्स

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