महाराष्ट्र में तीन सरकार मिलकर राज्य को चला रही हैं। गठबंधन की सरकार तो बन गई है। पर इस में गांठ पड़ गई है। समय के साथ तीनों पार्टियों के बीच कहासुनी होती रहती है। शिवसेना और कांग्रेस के बीच इस बार बात कुछ ज्यादे ही बढ़ गई है। दोनों पार्टियों के बीच औरंगाबाद शहर का नाम बदलने के मुद्दे पर विवाद खड़ा हो गया है।

महाराष्ट्र में औरंगाबाद शहर का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस और शिवसेना की बीच तकरार शुरू हो गई है। शिवसेना औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करना चाहती है। शिवसेना के नाम बदलने एजेंडे से नाराज कांग्रेसे नेता संजय निरूपम ने शिवसेना को गठबंधन धर्म ओर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की याद दिला दी।

कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा, ‘औरंगाबाद का नाम बदलना शिवसेना का अपना पुराना एजेंडा है, लेकिन सरकार तीन पार्टियों की है, यह नहीं भूलना चाहिए। गठबंधन की सरकारें कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से चलती हैं। किसी के पर्सनल एजेंडे से नहीं। प्रोग्राम काम करने के लिए बना है, नाम बदलने के लिए नहीं।’

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, ‘औरंगाबाद का नाम बदलना शिवसेना का पुराना एजेंडा है और साथ बैठकर महा विकास अघाड़ी में शामिल पार्टियां इस पर एक राय बना लेंगी।’

दोनों पार्टियों के बीच मन मुटाव को देखते हुए बीजेपी ने चुटकी ली है। बीजेपी ने कहा, ये काम शिवसेना पहले भी कर सकती थी। बीजेपी नेता राम कदम ने कहा, ‘शिवसेना को महानगरपालिका चुनाव से पहले संभाजी नगर नाम याद आया। यह काम पहले क्यों नहीं किया। ये काम, ये पूरी लड़ाई ही झूठी है।’

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