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कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की जनविरोधी नीतियों और शासन की विफलताओं को उजागर करते हुए एक सकारात्मक सोच के साथ विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़कर राज्य में जीत हासिल करना उनकी पार्टी का मुख्य सूत्र है।पायलट ने बुधवार को दावा किया कि राज्य की जनता कांग्रेस को लाने का मन बना चुकी है और उनकी पार्टी भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। राज्य में सत्ता विरोधी लहर के कारण  ही कांग्रेस की स्थिति मजबूत नहीं हुई है बल्कि पार्टी ने विपक्ष में रहकर पिछले पांच साल में जिस प्रकार सरकार की तानाशाही रवैये और प्रशासन की विफलताओं को उजागर करने के लिए सतत संघर्ष किया है उससे राज्य की जनता के बीच उनके दल की लोकप्रियता बढ़ी है। राज्य की जनता बेहतर भविष्य के लिए कांग्रेस की ओर देख रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासन में जो घमंड और गुरुर लोगों को देखने को मिला है तथा बड़े-बड़े महलों के बंद दरवाजों से शासन चला है, उससे लोग नाराज और निराश हैं। उनकी पार्टी ने सकारात्मक रुख के साथ अपना अभियान चलाया और इसके तहत जनता को राहत देने के लिए रोडमैप तैयार किया है। भाजपा के पास अकूत संसाधन हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में सबसे अधिक रकम भाजपा को मिलती है, इसलिए वह चुनाव में कोई को कसर नहीं छोड़ने वाले हैं लेकिन जनता की इच्छा के बिना कोई पार्टी सरकार नहीं बना सकती।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर और धुव्रीकरण करके सत्ता हासिल करने के अपने पुराने तरीके को दोहराने की कोशिश करेगी। अभी हाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राजस्थान दौरे के दौरान असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर मुद्दा, बंगलादेशियों को देश से खदेड़ने की बात करके प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिशें की थी लेकिन महंगाई,  बेरोजगारी,  भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक भी शब्द नहीं कहा है। राज्य की जनता 900 रुपये में गैस सिलेंडर, 125 रुपये किलो मूंग की दाल और 90 रुपये लीटर पेट्रोल खरीद रही है लेकिन मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लोगों को धर्म-जाति के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। भाजपा को बेनकाब करना हमारी जिम्मेदारी है।

चुनाव में ध्रुवीकरण करने के प्रयास पर श्री पायलट ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर भाजपा यहां भी चुनाव लड़ने के लिए माहौल बनाने की कोशिश की थी लेकिन उनके चुनावी मैदान में उतरते ही उनकी मंशा पर पानी फिर गया और उनके सामने एक अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवार को मजबूरी में उतारना पड़ा। राजस्थान सरकार के कद्दावर मंत्री यूनूस खान को उनके सामने टोंक विधानसभा से उतारा गया ताकि ध्रुवीकरण किया जा सके लेकिन उन्होंने भाजपा की मंशा को पूरी तरह विफल कर दिया। ध्रुवीकरण करना भाजपा का आखिरी हथियार है और हर चुनाव में ध्रुवीकरण की कोशिश करती है लेकिन राजस्थान की जनता इस तरह की रजनीति को पहले ही नकार चुकी है। अलवर के लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार ने ध्रुवीकरण करने के लिए हर तरह की भाषा का इस्तेमाल किया लेकिन वहां की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशी को दो लाख वोटों से जिताकर संसद भेजा। देश और राज्य की जनता बहुत समझदार है, वह अब भाजपा के झांसे में नहीं आने वाली है। आज की नयी पीढ़ी को अपना भविष्य बनाने के लिए रोजगार की चिंता है।

श्री पायलट ने पार्टी के बागी उम्मीदवारों के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश की जनता को यह पता चल गया कि राज्य में अब कांग्रेस की सरकार बनने वाली है इसलिए टिकट मांगने वालों की तादाद ज्यादा थी। कांग्रेस पार्टी हर टिकट दावेदारों को संतोषजनक जवाब देना चाहती थी, इसलिए टिकट बंटवारे में देरी हुई। पार्टी उम्मीदवारों के चय़न से पहले चर्चा, अाकलन, रायशुमारी तथा आपसी सर्वसम्मति बनाकर फैसला करती है। टिकट नहीं मिलने से जो लोग भी नाराज हैं, उन्हें जल्द मना लिया जाएगा। पार्टी एकजुट होकर बहुत मजबूती के साथ चुनाव मैदान में है।

उन्होंने पार्टी में पैराशूट उम्मीदवारों (दल बदलकर आने वाले) को लेकर अपना रुख साफ करते हुए कहा,“ हमारी पार्टी के पास न तो सत्ता है न ही संसाधन है, न ही सीबीआई और न ही ईडी, इसलिए हम किसी को क्या प्रलोभन दे सकते हैं।” भाजपा केंद्र और राज्य की सत्ता में है और उसके विधायक और सांसद पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं तो यह भाजपा के लिए आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है। भाजपा के काम करने के तरीके से उनके जनप्रतिनिधि परेशान हैं। बहुत ही हैरतअंगेज बात है जिन सरकारों से सांसद और विधायक ही हताश हों तो केंद्र और राज्य सरकार के बारे में आम जनता क्या सोचती होगी इसका सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के सभी घोषित उद्देश्य पूरी तरह असफल हो गये। इससे न तो आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर टूटी, न ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगी और न ही कालाधन वापस आया लेकिन जनमानस को घोर संकट से गुजरना पड़ा। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह रही कि घोषित मुद्रा से अधिक रिजर्व बैंक के पास पैसा आ गया। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर जिस तरह राज्य की जनता को गुमराह और परेशान किया है, प्रदेश की जनता आने वाले सात दिसंबर को सूद समेत उसका जवाब देगी । दोनों सरकारों की नाकामियों को लेकर हमारी पार्टी जनता तक गयी है और अब जनता वास्तविकता को समझकर सरकार से सवाल पूछ रही है। सवाल पूछने वालों को हालांकि देशद्रोही करार देकर दबाया जा रहा है।

पायलट ने कहा कि जो सरकार अपनी जनता को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा देने में विफल रहे, उससे बुरी कोई सरकार कोई नहीं हो सकती है। प्रदेश की मुखिया एक महिला होने के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में हर दिन दिन आठ से 10 बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही है।

-साभार, ईएनसी टाईम्स

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