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जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक में सोना, फुटवियर, बिस्किट समेत सिगरेट और बीड़ी पर जीएसटी की दरें तय कर दी गई हैं। वस्तु एवं सेवाकर यानी जीएसटी व्यवस्था के तहत सोने और गहनों की खरीदारी अब कुछ महंगी हो जाएगी वहीं 1,000 रुपये तक की कीमत वाले कपड़े अब सस्ते हो जायेंगे।

तय की हुई दरों के हिसाब से एक जुलाई 2017 से प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद सोने पर 3 फीसदी, 500 रुपये से कम मूल्य के जूते-चप्पल यानी फुटवियर पर 5 फीसदी, बिस्किट पर 18 फीसदी और बीड़ी पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा।

लेकिन, सिगरेट की तरह बीड़ी पर सेस नहीं लगेगा। जहां तराशे हुए हीरों पर 0.25 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा वहीं कृषि उपकरणों के लिए 5 और 12 प्रतिशत की दो दरें रखीं गई हैं।

दरअसल कल केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल ने इन वस्तुओं के लिए जीएसटी की दरों को अंतिम रूप दिया है। इन सभी वस्तुओं के अलावा काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग और ट्रांजीशनल रूल्स के मसौदे को भी तैयार किए हैं।

ट्रांजीशन रूल में अहम बदलाव यह है कि जिन कारोबारियों के पास जीएसटी लागू होने की तारीख से ठीक पहले जो स्टॉक बकाया है, अगर वह जीएसटी की 18 फीसदी या उससे अधिक की श्रेणी में आता है तो उस पर उन्हें 60 फीसदी इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। जबकि 18 फीसदी से कम की श्रेणी में आने वाले उत्पाद पर उन्हें 40 फीसदी इनपुट टैक्स क्रेडिट ही मिलेगा।

इतना ही नहीं काउंसिल की बैठक में मुनाफाखोरी रोकने के लिए जीएसटी कानून में लाए गए एंटी प्रॉफिटियरिंग नियम के तहत तंत्र बनाने पर भी विचार किया गया है। साथ ही इस बैठक में जीएसटी लागू होने की तैयारियों के संबंध में जीएसटी नेटवर्क की टीम ने एक विस्तृत प्रजेंटेशन भी दिया।

जीएसटी परिषद के अध्यक्ष जेटली ने परिषद की  बैठक के बाद कहा, ”सोने पर इस समय 1 फीसदी उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा 1 फीसदी वैट लगाया जाता है। इन दरों को ध्यान में रखते हुए परिषद ने काफी विचार-विमर्श के बाद सोना और स्वर्ण आभूषणों पर सर्वसम्मति से 3 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है।”

तय किए हुए दरों के हिसाब से देखें तो परिषद में लिए गए फैसले के मुताबिक  500 रुपये तक के कीमत वाले फुटवियर पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा पर इससे अधिक मूल्य वाले चप्पल-जूते पर आपको 18 प्रतिशत के दर से टैक्स देना होगा।

ऐसे ही बात अगर कपड़ों कि करें तो रेशमी और पटसन फाइबर को जीएसटी से मुक्त रखा गया है, जबकि कपास और प्राकृतिक रेशे और सभी तरह के धागे पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया गया है। मानव-निर्मित फाइबर और धागा हालांकि 18 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में आएगा। फिलहाल जीएसटी की अगली बैठक 11 जून को होगी, जिसमें एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

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