बिहार में चुनावी पारा चरम पर है। आज बिहार में प्रधानमंत्री मोदी के साथ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनावी रैलियों को संबोधित करने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने को बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार का बिगुल फूंकते हुए  सासाराम में अपनी पहली चुनावी सभा की और नीतीश कुमार के साथ मंच साझा किया। अपनी रैली में पीएम मोदी के निशाने पर लालू परिवार रहा। पीएम मोदी ने इस दौरान 2015 में JDU-RJD सरकार पर भी बात की और कहा कि 18 महीने में लालू परिवार ने बड़े-बड़े खेल किए।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन ने कहा कि जब राजद को सत्ता से बेदखल किया गया तो ये लोग बौखला गए। राजद ने दस साल तक यूपीए सरकार का हिस्सा रहते हुए बिहार के लोगों पर गुस्सा निकाला।  पीएम मोदी बोले कि राजद ने दिल्ली सरकार के जरिए नीतीश जी के दस साल बेकार कर दिए, बाद में जब 18 महीने की सरकार बनी तो परिवार ने क्या-क्या खेल किया सबको पता है। जब नीतीश जी इस खेल को समझ गए तो उन्होंने सत्ता छोड़ने का फैसला लेना पड़ा, बिहार के भविष्य के लिए हम फिर नीतीश जी के साथ आए हैं।

जदयू के दोबारा एनडीए में आने पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरे पीएम बनने के बाद बिहार और दिल्ली सरकार ने तीन साल तक मिलकर काम किया है, अब हमारी सरकार आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में जुटे हैं।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर यहां पर विपक्षी पार्टियां रहीं। पीएम ने अपने संबोधन में अनुच्छेद 370 की भी बात की, उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला लिया, लेकिन अब ये लोग इसे पलटना चाहते हैं। विपक्ष कह रहा है कि सत्ता में आने पर फिर से अनुच्छेद 370 को लागू कर देंगे।

पीएम ने कहा कि ये लोग किसी की भी मदद ले लें, लेकिन देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा। इन लोगों को आपकी जरूरतों से कभी सरोकार नहीं रहा। इनका ध्यान रहा है अपने स्वार्थों पर, अपनी तिजोरी पर। यही कारण है कि भोजपुर सहित पूरे बिहार में लंबे समय तक बिजली, सड़क, पानी जैसी मूल सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। आज के बिहार में लालटेन की जरूरत खत्म हो गई है। आज बिहार के हर गरीब के घर में बिजली का कनेक्शन है, उजाला है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मंडी और MSPतो बहाना है, असल में दलालों और बिचौलियों को बचाना है। लोकसभा चुनाव से पहले जब किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे देने का काम शुरु हुआ था, तब इन्होंने कैसा भ्रम फैलाया था। जब राफेल विमानों को खरीदा गया, तब भी ये बिचौलियों और दलालों की भाषा बोल रहे थे।

पीएम इसके बाद गया पहुंचे। यहां भी उन्होंने जनता को लालू के जंगल राज को याद दिलाया। पीएम मोदी ने गया में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के साथ चुनाव प्रचार किया। इस दौरान पीएम ने यूपीए सरकार पर दस वर्षों के दौरान बिहार के विकास को रोकने का आरोप लगाया। पीएम ने लोगों को वे दिन याद करने को कहा जब कोई डर से शाम के बाद घर से नहीं निकलता था।

विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए तीसरी रैली करने भागलपुर  पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने ठान लिया है कि एनडीए को जीताना है क्योंकि वे बिहार का विकास चाहते हैं। पीएम मोदी ने भागलपुर में अंगिका भाषा में वहां की जनता का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नीतीश की अगुवाई में जनता का मत स्पष्ट है। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार निवेश का हकदार है ये कौन सुनिश्चित कर सकता है, वो लोग जिन्होंने बिहार को जंगलराज बना दिया या वो जिन्होंने सुशासन दिया।

उन्होंने कहा कि बिहार में पहले जो सरकार रही वे आदिवासियों के कल्याण के लिए सिर्फ और सिर्फ झूठे वादे किए। उन्होंने कहा कि भागलपुर सहित बिहार के शहरों की हालत जो इन लोगों ने कर दी थी वो आप लोग अच्छी तरह जानते हैं। छोटो दुकानदार, कारोबारी, व्यापारी इनके राज में हर कोई परेशान था। यही वजह थी भागलपुर, मुंगेर जैसी जगहों पर सिल्क समेत अन्य जो भी अवसर थे वे खत्म होते चले गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार विकास और रोजगार का हकदार है। उन्होंने कहा कि ये कौन सुनिश्चित करेगा ये वो जो सरकारी नौकरी देने को रिश्वत का जरिया मानते हैं।

इधर, नवादा में तेजस्वी के साथ राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने लोगों से पूछा आपको मोदी जी का भाषण कैसा लगा? उन्होंने कहा कि चीन की सेना ने हमारे 20 सैनिकों को शहीद किया और हमारी 1200 किलोमीटर ज़मीन ली है। जब चीन हमारी ज़मीन के अंदर आया तो हमारे ​PM ने वीरों का अपमान करते हुए ये क्यों बोला कि हिन्दुस्तान के अंदर कोई नहीं आया? आज कहते हैं कि मैं सिर झुकाता हूं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा जब बिहार के युवा सैनिक शहीद हुए, उस दिन प्रधानमंत्री ने क्या किया। लद्दाख में हिंदुस्तान की सीमा पर बिहार के युवा अपना खून-पसीना देकर जमीन की रक्षा करते हैं। चीन ने हमारे 20 जवानों को शहीद किया और हमारी जमीन पर कब्जा किया, लेकिन प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर हिंदुस्तान की सेना का अपमान किया। प्रवासी मजदूरों के पलायन का मसला उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदद नहीं की। यही सच्चाई है। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार बिहार सच्चाई को पहचानने जा रहे हैं। इस बार बिहार नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार को जवाब देने जा रहा है।

बहरहाल, बिहार के राजनैतिक दंगल में आरोपो – प्रत्यारोपों का दौर जारी है। ऐसे में बिहार की जनता जो राजनीति के मामले में काफी होशियार मानी जाती है, उसी पर सारा दारोमदार है कि वह बिहार की सत्ता की चाभी किसके हाथों में सौंपती है।

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