Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

New Delhi: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अध्ययन के अनुसार, देशभर में दूध के प्रमुख ब्रांडों से दूध की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया। इसके लिए देशभर से दूध के सैम्पल इक्टठे किए गए थे। इन सैम्पल में से 37.7 प्रतिशत निर्धारित गुणवत्ता मानक को पूरा करने में फेल हो गए हैं। सुरक्षा मापदंडों पर भी दूध के नमूनों में से 10.4% खरे नहीं उतर पाए।

अध्ययन में कहा गया है कि तेलंगाना में कुल सैम्पल में से केवल 12 सैम्पल में ही मिलावट पाई गई, इसके बाद मध्यप्रदेश और केरल का नंबर आता है। यहां भी मिलावट बहुत कम सैम्पल में पाई गई।

FSSAI अध्ययन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मई और अक्टूबर 2018 के बीच 1,103 शहरों से दूध के कुल 6,432 सैम्पल इक्टठे किए गए। कुल सैम्पल का लगभग 40.5% दूध UHT के बाद इक्टठा किया गया, जबकि शेष कच्चा दूध था।

संगठित डेयरी क्षेत्र को गुणवत्ता मानकों के अनुपालन का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। 1 जनवरी, 2020 तक दूध के नमूनों का ‘परीक्षण और निरीक्षण’ करके इन रिजल्ट को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने अध्ययन जारी करने के बाद कहा कि आम आदमी का मानना ​​है कि दूध में मिलावट अधिक है। लेकिन हमारे अध्ययन से पता चलता है कि मिलावट की तुलना में संदूषण एक गंभीर समस्या थी। मिलावट से अधिक, दूषित पदार्थ एक गंभीर समस्या थी क्योंकि दूध में अफ्लाटॉक्सिन-एम 1, एंटीबायोटिक्स और कीटनाशकों जैसे पदार्थ पाए गए थे।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.