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उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन गयी है। शुक्रवार को विष्णुप्रयाग के नजदीक हाथीपहाड़ में भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे बाधित हो गया। बताया जा रहा है कि दोपहर बाद पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरु हो गए थे, जिसके चलते प्रशासन ने पहले ही दोनों ओर वाहनों को रोक दिया था। हाईवे बंद होने से करीब 15 हजार यात्री फंसे हुए हैं।

बद्रीनाथ धाम में फंसे यात्रियों को वहीं रुकने की सलाह दी गयी है, जबकि बद्रीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली आदि यात्रा पड़ावों पर रोका गया है। प्रशासन की मानें तो, बद्रीनाथ धाम में करीब 15 हजार और अन्य यात्रा पड़ावों पर तकरीबन 10 हजार यात्री फंसे हैं। हाथीपहाड़ से बद्रीनाथ की ओर फंसे यात्रियों को प्रशासन ने गोविंदघाट गुरुद्वारे में ठहराने की व्यवस्था की है।

प्रशासन के निर्देशों पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भोजन की भी व्यवस्था कर ली है। ऐसे में यात्रियों को कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ में रोका जा रहा है। बद्रीनाथ में मौजूद यात्रियों को बद्रीनाथ में ही रोक दिया गया है।

चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि सीमा सड़क संगठन के जवान मलबे को साफ करने में लगे हैं और शनिवार दोपहर तक हाईवे को खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिये उन्हें जोशीमठ, पीपलकोटी, कर्णप्रयाग, गोविंदघाट और बद्रीनाथ में ही सुविधाजनक स्थानों पर ठहरने को कहा गया है। हाईवे जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच विष्णुप्रयाग के नजदीक बंद है।

राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भूस्खलन में फिलहाल कोई भी तीर्थयात्री नहीं फंसा हुआ है। उन्होंने कहा बीआरओ और अन्य एजेंसियां मलवा हटाने और रास्ता खाली करने में जुटी हुई हैं और आज रास्ते को फिर से खोल दिया जाएगा। रावत ने बताया कि करीब 1800 पर्यटक इससे प्रभावित हुए हैं।

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