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New Delhi: पीएमसी बैंक धोखाधड़ी मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में 3830 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह संपत्ति हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल), इसके निदेशकों / प्रमोटरों, पीएमसी बैंक के अधिकारियों और अन्य संबंधित संस्थाओं से संबंधित थी।

इससे पहले पीएमसी बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरियाम सिंह को 9 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। इसके अलावा बैंक के निलंबित प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस के खातों को बंद कर दिया है। उन्हें मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने उनको कम से कम 17 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रहेंगे। हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के प्रबंध निदेशक सारंग वधावन और कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वाधवान भी पुलिस हिरासत में हैं।

क्या है पूरा मामला-

बैंक ने कथित तौर पर एचडीआईएल को अनुमत सीमा से अधिक ऋण देकर आरबीआई के मानदंडों का उल्लंघन किया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का भी गठन किया गया है। इस मामले में बैंक का नुकसान 4,355 करोड़ रुपये आंका गया है। पिछले हफ्ते केंद्रीय बैंक ने पीएमसी खाताधारकों को छह महिने में अधिकत्म 10,000 रुपये निकालने की छूट दी थी। इससे पहले ये अधिकत्म लिमिट 1000 रूपये थी। इसके बाद में लोगों के विरोध के चलते इसे बढ़ाकर 10000 रूपये कर दिया गया। यह बैंक की 137 शाखाएँ पांच राज्यों में फैली हुई हैं।

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शनिवार देर शाम बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरियाम सिंह को करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। इससे पहले बैंक के निलंबित प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस के खातों को बंद कर दिया है। इसके अलावा उन्हें मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने उनको पुलिस हिरासत में भेज दिया है। शुक्रवार को पीएमसी बैंक घोटाला मामले में हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के प्रबंध निदेशक सारंग वधावन और कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वाधवान को 9 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

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