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उत्तर प्रदेश के नवगठित विधानसभा का पहला दिन विपक्ष के जोरदार हंगामें की भेट चढ़ गया। प्रदेश में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए विपक्षी दलों के विधायकों ने भारी हंगामा काटा। उन्होंने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके और सदन में सीटियां भी बजाई। प्ला कार्ड भी लहराए गए और जम के नारेबाजी भी हुई। कुल मिलाकर सदन का माहौल एकदम अस्त व्यस्त कर दिया गया। जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी।

आज योगी सरकार का विधानसभा में पहला दिन था। परम्परा के अनुसार राज्यपाल राम नाईक  ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया। पर अभिभाषण में प्रदेश के कानून व्यवस्था का जिक्र ना होने पर विपक्षी दलों के विधायक अपने स्थान से उठ खड़े हुए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। उन्होंने अभिभाषण के दौरान राज्यपाल  के ऊपर कागज के गोले फेंके, इसके कारण सुरक्षा बलों  को बहुत मशक्कत करनी पड़ी। वे राज्यपाल के सामने खड़े होकर तख्ती से उनका बचाव करने लगे। इसके अलावा उन्होंने सरकार विरोधी नारों के साथ प्लाकार्ड भी लहराया और सीटियां भी बजाई। पर राज्यपाल राम नाईक ने हंगामे के बीच भी अपना भाषण जारी रखा, वहीं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी अपनी मेज सरकाते भी नजर आए। बीच बीच में  विधानसभा अध्यक्ष सभी सदस्यों को अभिभाषण के दौरान  शांत रहने की अपील कर रहे थे। राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष में सदन की कार्यवाही कल के लिए स्थगित कर दी।

बताते चले कि योगी सरकार के 50 दिन के शासन के दौरान सहारनपुर, बुलंदशहर, संभल , गोंडा और आगरा जैसे शहरों में कई जातीय और साम्प्रदायिक दंगे घटित हुए है।  जिसका हवाला देकर विपक्ष सरकार को घेरना चह रही है।

इस मुद्दे पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि हंगामा करने वाले सपा विधायकों को आत्म निरिक्षण करने की जरुरत है।जो लोग 5 साल में कानून व्यवस्था नहीं सुधर पाए, वे 50 दिन की सरकार से हिसाब मांग रहे हैं।

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