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नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस के मसले को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी दिल्ली की दौड़ लगा रही हैं। लिस्ट में शामिल लोगों की तरफदारी में अनर्गल बयान देने की दौड़ में नंबर वन पर हैं। बीते दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असम में NRC की कवायद के पीछे सियासी वजहों को बताते हुए देश में रक्तपात और गृह युद्ध छिड़ जाने की चेतावनी तक दे दी थी।

बीजेपी पर देश को बांटने के आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी के दरबार में हाजिरी तक लगाई। कांग्रेस से एनआरसी पर साथ मांगने के साथ ही मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की बात की। अब उसी ममता बनर्जी पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने जमकर हमले किये हैं। चौधरी ने ममता को एक अवसरवादी नेता के साथ ही आदमखोर तक करार दिया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि दिल्ली में ममता बनर्जी कांग्रेस का समर्थन मांगती हैं और बंगाल में आदमखोर की तरह कांग्रेस को खा रही हैं।

2005 में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ थीं ममता

अधीर रंजन चौधरी के इस बयान के पीछे की सच्चाई परखने के लिये आज से 13 साल पहले वर्ष 2005 में जाना होगा। जब ममता बनर्जी विपक्ष की सांसद थी तो उनका मानना था कि बंगाल में घुसपैठ अब आपदा बन चुका है और वोटर लिस्ट में बांग्लादेशी नागरिक भी हैं। यानी एनआरसी के मुद्दे पर आज देश में रक्तपात और गृह युद्ध छिड़ जाने की चेतावनी देने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भले ही अभी कुछ बोल रही हों लेकिन साल 2005 में बांग्लादेशी घुसपैठ पर उनके बोल कुछ और ही थे।

2005 में जमकर किया था लोकसभा में हंगामा

इस मुद्दे पर उस वक्त ममता बनर्जी ने लोकसभा में जमकर बवाल किया था और तो और बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर जब उन्हें लोकसभा में बोलने की इजाजत नहीं दी गई थी, तब उन्होंने तत्कालीन लोकसभा उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह अटवाल पर कागजात को फाड़कर फेंका तक था। दरअसल, ममता बनर्जी के इस कदम के पीछे एक बड़ी वजह थी क्योंकि तब इससे सीपीएम को फायदा मिलता था, लेकिन अब इससे उन्हें इसका फायदा मिलता दिख रहा है।  लिहाजा अब वो नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस के विरोध में अनर्गल और आपत्तिजनक बयान देने से पीछे नहीं हट रहीं हैं।

                                                                                                                      एपीएन ब्यूरो

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