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New Delhi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा है कि एक मामले से उत्पन्न अनिश्चितता के कारण इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड की प्रभावशीलता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। सीतारमण PMC मामले पर एक सवाल का जवाब दे रही थीं जो IBC में कुछ प्रमुख खामियों को दर्शाता है।

पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक में कथित रूप से 4,355 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी पर वित्त मंत्री की टिप्पणी आई। पिछले महीने ऋणदाता पर अनियमितता पाए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पीएमसी बैंक पर प्रतिबंध लगाए गया था।

सीतारमण ने एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें सिर्फ एक मामले को बढ़ाचढ़ाकर दिखाते हुए पूरे IBC पर सवाल खड़ा करना चाहिए।”

सीतारमण ने हालिया मामले पर एक सवाल के जवाब में कहा, “अगर ईडी किसी की संपत्ति को अटैच करता है और जिसके परिणामस्वरूप आईबीसी प्रक्रिया में कुछ अनिश्चितता आती है, तो इससे आईबीसी पर सवाल नहीं खड़ा करना चाहिए।”

सीतारमण ने कहा कि जरूरी नहीं कि सभी मामलों में ऐसा ही हो। मुझे नहीं लगता कि हमें इस मामले को इस तरीके से देखना चाहिए।

क्या है PMC मामला-

बैंक ने कथित तौर पर एचडीआईएल को अनुमत सीमा से अधिक ऋण देकर आरबीआई के मानदंडों का उल्लंघन किया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का भी गठन किया गया है। इस मामले में बैंक का नुकसान 4,355 करोड़ रुपये आंका गया है। पिछले हफ्ते केंद्रीय बैंक ने पीएमसी खाताधारकों को छह महिने में अधिकत्म 10,000 रुपये निकालने की छूट दी थी। इससे पहले ये अधिकत्म लिमिट 1000 रूपये थी। इसके बाद में लोगों के विरोध के चलते इसे बढ़ाकर 10000 रूपये कर दिया गया। यह बैंक की 137 शाखाएँ पांच राज्यों में फैली हुई हैं।

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