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लोकसभा चुनाव के ठीक पहले राफेल डील पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर बुधवार को सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने कहा कि जो कागज़ात अदालत में पेश किए गए वो मान्य हैं। और उसकी जांच की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राफेल से जुड़े जो कागजात आए हैं, वो सुनवाई का हिस्सा होंगे।

राफेल डील पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सार्वजनिक मंचों से पीएम मोदी पर राफेल डील को लेकर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के दोबारा सुनवाई के फैसले से एक तरफ जहां बीजेपी को झटका लगा है, वहीं कांग्रेस के लिए राहत की खबर है। राफेल माले पर सुप्रीम कोर्ट के दोबारा सुनवाई के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोदी सरकार पर हमलावर हुई कांग्रेस
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणजीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया है, ”सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सम्मानित कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। मोदीजी ने राफेल पर अपने भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम लागू करने की धमकी दी थी। मोदीजी चिंता मत करो, अब जांच होने वाली है। चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं।

मायावती ने मांगा रक्षा मंत्री का इस्तीफा
वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है, ”राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में राफेल रक्षा सौदे में भारी गड़बड़ी/भ्रष्टाचार को छिपाने की मोदी सरकार की कोशिश विफल, सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी सरकार पूरी तरह घिरी, संसद के भीतर व बाहर बार-बार झूठ बोलकर देश को गुमराह करने के लिए मोदी माफी मांगे और रक्षा मंत्री इस्तीफा दें।

केजरीवाल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है, ”मोदी जी हर जगह कह रहे थे कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राफ़ेल में क्लीन चिट मिली है। आज के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से साबित हो गया कि मोदी जी ने राफ़ेल में चोरी की है, देश की सेना से धोखा किया है और अपना जुर्म छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में राफेल मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। इससे पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं से 15 मार्च को हुई सुनावाई में कहा था कि वो राफेल डील के दस्तावेज लीक होने से जुड़ी प्राथमिक आपत्तियों पर फोकस करें। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि सरकार द्वारा उठाई गई प्राथमिक आपत्तियों पर निर्णय लेने के बाद ही इस मामले में फैक्ट की जांच की जाएगी।

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