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कुलभूषण के मामले में पिछले तीन दिनों से कुछ खास हरकत होती दिखाई पड़ रही है। पहले मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण को दिए फांसी की सजा पर रोक लगाई और अब हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस 15 मई, यानि आगामी सोमवार को इस मामले में सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने भारत के पूर्व नौ सेना अधिकारी और व्यापारी कुलभूषण जाधव को कथित तौर पर भारतीय जासूस बता कर अंतरराष्ट्रीय मापडंडों की परवाह किए बिना फांसी की सुना दी थी। जिसके बाद भारत ने कुलभूषण से मिलने के लिए पाकिस्तान के सामने अनेकों बार गुहार लगाई, लेकिन पाकिस्तान के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ गई। गौरतलब है कि पाकिस्तान के नापाक रवैये से तंग आकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण के संबंध में अपील की, भारत ने अपनी अपील में कहा था कि पाकिस्तान राजनयिक संबंधों पर वियेना समझौते का उल्लंघन कर रहा है।

आईसीजे ने सुनी भारत की अपील

International Court will hear the case of Kulbhushan on May 15इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा, भारत की ओर से आठ मई, 2017 को पाकिस्तान के खिलाफ शुरू की गयी प्रक्रिया के तहत ‘अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत, संयुक्त राष्ट्र की प्रधान न्यायिक संस्था सोमवार, 15 मई, 2017 को सार्वजनिक सुनवाई करेगी। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस द्वारा कहा गया है कि ‘सुनवायी अस्थाई कदमों के संकेतों संबंधी भारत द्वारा दिए गए अनुरोध पर आधारित होगी।’

पाकिस्तान का पक्ष

उधर पाकिस्तान ने कहा है कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने कुलभूषण को उचित प्रक्रिया के बाद भी फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत जो भी सवाल पूछेगा पाकिस्तान सरकार उन सभी सवालों का जवाब देगी। सेना के प्रवक्ता जनरल आसिफ गफूर ने मीडिया से कहा कि ‘अगर आईसीजे जाधव के बारे में पाकिस्तान से कोई आग्रह करता है तो पाकिस्तान सरकार उचित स्तर पर इसका जवाब देगी।’ आपको बता दें कि सेना की ओर से यह बयान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात के बाद आया है।

क्या बचेगा कुलभूषण

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय अदालत से बड़ा झटका लगा है। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को एक पत्र भी भेजा है। लेकिन सवाल अब यह है कि क्या इस कदम से भारत सरकार कुलभूषण जाधव को भारत लाने के अपने मकसद में सफल हो पाएगी?

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