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भारत में घटते लिंगानुपात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना शुरू की थी, जिसमें छोटी-छोटी बचत के साथ लड़की के बड़े होने पर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना का नाम सुकन्या समृद्धि योजना दिया गया और अब योजना का बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम जमा की सीमा 1,000 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दी है। इस योजना में बदलाव करने के पीछे की वजह ये बताई गई है कि अब ज्यादा से ज्यादा लोग इस स्कीम का फायदा उठा सकेंगे। इसके लिए सरकार ने सुकन्या समृद्धि खाता नियम, 2016 में संशोधन किया है।

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के अपने बजट भाषण में कहा था कि जनवरी, 2015 में शुरू की गई सुकन्या समृद्धि खाता योजना काफी सफल रही है। नवंबर 2017 तक देशभर में छोटी लड़कियों के नाम पर 1 करोड़ 26 लाख खाते खोले गए थे। इन खातों में 19,183 करोड़ रुपये जमा हुए थे। सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज दरों को अन्य लघु बचत योजनाओं और पीपीएफ की तरह प्रत्येक तिमाही में संशोधित किया जाता है। जुलाई-सितंबर की तिमाही के लिए ब्याज दर 8.1 प्रतिशत तय की गई है। इस योजना के तहत किसी दस साल से कम उम्र की किसी भी लड़की के माता-पिता या कानूनी अभिभावक ये खाता खोल सकते हैं।

योजना के तहत ये खाता खोलने की तारीख से 21 साल तक वैध रहेगा। उसके बाद ये परिपक्व होगा और और उस लड़की को इसका भुगतान किया जाएगा जिसके नाम पर खाता खोला गया है। खाता खोलने की तारीख से 14 साल तक इसमें राशि जमा कराई जा सकती है। उसके बाद खाते पर उस समय लागू दरों के हिसाब से ब्याज मिलेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, एपीएन

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