पिछले कई हफ्तों में जम्मू-कश्मीर के अंदर आतंकियो कि तेजी से संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। यही नहीं सुरक्षाबलों पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले भी तेजी से बढ़ रहे है। इस साल अभी तक जम्मू-कश्मीर में 86 आतंकियों को मारा जा चुका है, और इनमें से 36 यानी कि करीब 45 फीसदी को जून-जुलाई माह में 16 का एनकाउंटर किया गया है।

जुलाई के महीने में सबसे ज्यादा आतंकी देखे गए है। मीडिया के अनुसार केवल जुलाई के 20 दिनों में ही 10 एनकाउंटर किए गए है। जिनमें कुल 20 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है। इन 20 में चार आतंकी पाकिस्तान के थे। इस साल सुरक्षाबलों ने कुल 36 ऑपरेशन चलाए और इसमें 86 आतंकियों को मारा गया। इनमें से 80 कश्मीर में और 6 जम्मू में मारे गए। मारे गए आधे आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। इन सैन्य अभियानों में सुरक्षाबलों के 15 जवान भी शहीद हो गए तो वहीं 19 आम नागरिकों को भी जान चली गई।

यह माहौल तब है जब इसी साल 25 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर संघर्षविराम का सम्मान किए जाने का एलान किया था। हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन किया जा रहा है। सूचना के अनुसार बीते कुछ हफ्ते पाकिस्तान से 4 बार घुसपैठक करने वकी कोशिश की गई। इसमें से एक को जहां नाकामयाब कर दिया गया तो वहीं, तीन सफल भी रहे। अभी तक कश्मीर में करीब 20 आतंकियों के घुसने की जानकारी मिली है।

साल 2021 में 15 जुलाई तक आतंकी संगठनों में 69 आतंकी शामिल हुए हैं। हालांकि, बीते साल इसी अवधि में 85 लोग आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे। आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले अधिकांश लड़के कश्मीर के कुलगाम, शोपियां और पुलवामा जिलों से हैं। साल 2020 में कुल 174 आतंकी बने थे तो वहीं साल 2019 में यह आंकड़ा 143 का था।

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