जम्मू-कश्मीर आऐ हर दिन चर्चा में रहता है चाहे वो आतंकियो को लेकर हो या फिर वहां का अपना मुद्दा हो मगर वो इस बार एक अच्छे काम को लेकर खबरो में है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अब वहां की बेटियों के पक्ष में एक बेहतरीन निर्णय लिया है। जिसको लेकर खूब सराहना की जा रही है। जम्मू-कश्मीर की वैसी लड़कियां जो अपने प्रदेश से बाहर भारत के किसी भी लड़को के साथ शादी करना चाहती है और वो मूल निवासी बनाना चाहती है तो अब उनके पति और बच्चों को भी राज्य का मूल निवासी माना जाऐगा। और उन्हें प्रमाण पत्र परिचय के रूप में दिया जाऐगा। अगर इस मुद्दे को लेकर समस्या खड़ी होती है तो वो अपना पत्र दिखा सकें। इस मुद्दे को जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पूरी छूट दे दी है।

जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की महिला से शादी किया है अब उन्हे भी वहां का नागरिक माना जाऐगा। इसके साथ ही उनके बच्चों को भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता दी जाऐगी। इससे पहले महिलाओं को ये अधिकार नहीं था। और महिलाओं के पति को राज्य का मूल निवासी नहीं माना जाता था।

जम्मू कश्मीर में महिलाओं के भेदभाव को दूर करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। आपको बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुरुष अगर दूसरे राज्य की महिला से शादी करते थे तो उसके बच्चों को नागरिकता दे दिया जाता था, वहीं महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता था। मगर अब इसको बदल दिया गया है।

अब जम्मू-कश्मीर सामान्य प्रशासन विभाग ने नई अधिसूचना को जारी कर दिया है। इस अधिसूचना में महिला पुरुष का जिक्र नहीं किया गया है बल्कि जम्मू कश्मीर के मूल निवासी के Spouse यानी कि पति या पत्नी को राज्य का मूल निवासी बनाने का जिक्र किया गया है। और उन्हे प्रमाण पत्र जारी किया जा सके। डोमिसाइल सर्टिफिकेट को प्राप्त करने के लिए पति या पत्नी का डोमिसाइल सर्टिफिकेट और शादी का वैध प्रमाण पत्र तहसीलदार के सामने देना होगा।

हम आपको बता दें कि इससे पहले जम्मू कश्मीर का मूल निवासी बनने के लिए वहां 15 सालों रहना पड़ता था। बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने 2020 में Jammu and Kashmir (Adaptation of State Laws) सेकेंड ऑर्डर 2020 ये मंजूरी दे दिया Jammu and Kashmir Reorganisation Act, 2019 के तहत इसे पारित कर दिया गया। इस के बाद ही मूल निवासी प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में बदलाव का रास्ता सुरक्षित हो गया। मूल निवासी होने के बाद उन्हे प्रमाण पत्र दे दिया जाऐगा जिसके बाद व्यक्ति के अधिकारों में कई गुना वृद्धि देखने को मिलेगी। इससे यह फायदा भी होगा कि अगर वह व्यक्ति जम्मू कश्मीर की सरकार के नौकरियों के लिए आवेदन कर सकता है। साथ ही उसे राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं का फायदा भी उठा सकता है।

इतना बड़ा कदम उठाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि ये बेहद हास्यास्पद है कि कुछ अलगाववादी नेता जिन्होंने देश के बाहर से महलिाओं से शादियां की, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है, उन्होंने उनके लिए यहां का मूल निवासी होने का अधिकार सुनिश्चित किया, लेकिन यहां की जिन बेटियों ने प्रदेश से बाहर शादियां की उनके सारे अधिकार जम्मू-कश्मीर से खत्म कर दिया जाता था।

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