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पीएम मोदी की हत्या की साजिश के एक मामले में देशभर में कई राज्यों में छापेमारी पड़ी है। इस छापेमारी में वामपंथी विचारधाराओं को मानने वाले कई लेखक, एक्टिविस्ट गिरफ्तार हुए हैं। भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किए गए एक पत्र में नक्सलियों द्वारा पीएम मोदी की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था। इसी मामले की जांच करते हुए पुलिस ने पांच राज्य महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड, तेलंगाना और दिल्ली में छापेमारी कार्रवाई की है। इस बाबत 5 वामपंथी विचारकों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। छापेमारी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘न्यू इंडिया’ में एकमात्र एनजीओ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लिए जगह है। बाढ़ प्रभावित केरल के दौरे पर पहुंचे गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘भारत में अब सिर्फ एकमात्र एनजीओ के लिए जगह है और वह आरएसएस है।’

यही नहीं राहुल गांधी ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘दूसरे सभी एनजीओ को बंद कर दो। सभी कार्यकर्ताओं को जेल भेज दो और शिकायत करने वालों को गोली मार दो। न्यू इंडिया में स्वागत है।’ बता दें कि वामपंथी सुधा भारद्वाज को उनके फरीदाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। वहीं वरवर राव को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। वामपंथी विचारक अरुण फरेरा और वर्णन गोनजाल्विस भी हिरासत में लिए गए हैं। वामपंथी विचारक गौतम नवलखा को भी भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के पास से लैपटॉप, पेन ड्राइव और कागजात बरामद किए गए हैं।

इस मामले पर विभिन्न वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद में विरोध-प्रदर्शन भी किया। पुलिस की इस कार्रवाई की तमाम दलों ने भी निंदा की है। कांग्रेस-वामदलों समेत तमाम दलों ने इसे मोदी सरकार का तानाशाही एक्शन करार दिया है।  सीपीआई नेता प्रकाश करात ने भी भीमा-कोरेगांव मामले में की गई छापेमारी और गिरफ्तारियों पर कहा, ‘यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर बड़ा हमला है। हम मांग करते हैं कि इन लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी केस वापस लिए जाएं और उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।’

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