नए साल में मकर संक्रांति के साथ त्योहारों का आगाज हो गया है। इसके साथ अब गंगा घाटों पर स्नान भी शुरू हो गया है। मकर राशि में सूर्य की संक्रान्ति को ही मकर संक्रांति कहते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाता है और नए साल पर अच्छे दिनों की शुरुआत हो जाती है।

यह पर्व सूर्य के राशि परिवर्तन करने के साथ ही सेहत और जीवनशैली से इसका गहरा नाता है। इन सबके साथ ही यह लोगों की धार्मिक आस्था का भी पर्व है। वहीं आज से माघ मेला भी आरंभ हो गया है।

भक्तों की भीड़

दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसी बीच मकर संक्रांति की धूम देखने को मिल रही है। ठंड में भी भक्त मां गंगा की गोद में दिख रहे हैं। सुबह-सबेरे स्नान कर रहे हैं।

माघ मेला

संक्रांति के साथ माघ मेले का आरंभ हो गया है। तटो पर भगवान शिव का रूप धारण कर साधु-संत भक्तों को आनंदित कर रहे हैं। तट पर इस समय काफी रौनक है। लोग मां गंगा के प्रति आस्था लेकर डूबकी लगा रहे हैं।

वैष्णो देवी मंदिर

मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर माता वैष्णों देवी के मंदिर के पुरानी गुफा को खोल दिया गया है। कोरोना के कारण इसे बंद रखा गया था। यहां पर भक्तों की लंबी लाइन दिख रही है।

कोहरे के बीच श्रद्धालु

गंगा तट पर कोहरे के बीच श्रद्धालु की भारी भीड़ दिख रही है। ये तस्वीर गंगा के संगम की है। खबर के अनुसार दोपहर तक 22 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। वहीं ये लोग कोरोना से भी बेखौफ हैं।

गंगासागर घाट

ये तस्वीर गंगा सागर घाट की है यहां पर वृद्ध महिलाओं का एक झुडं सूर्य की उपासना कर रहा है। मकर सूर्य के पु्त्र हैं इसलिए आज के दिन उन्हें जल अर्पित किया जाता है।

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