एनसीईआरटी की 12वीं क्लास में पढ़ाए जा रहे इतिहास के बेस पर एक बार फिर से जंग छीड़ गई है। 12वीं के इतिहास की किताब में थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री पार्ट-टू में मुगलशासकों की तरफ से युद्ध के दौरान मंदिरों को ढहाए जाने और बाद में उनकी मरम्मत कराए जाने का उल्लेख है।

इस बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करने के लिए शिवांक वर्मा ने एनसीईआरटी से आरटीआई के जरिये कुछ जानकारी मांगी थी। इस सवाल का जवाब देने की बजाय साफ-साफ शब्दों में कह दिया गया कि विभाग के पास मांगी गई जानकारी के संबंध में फाइल में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।

आरटीआई पर एनसीआईआरटी के जवाब के बाद इतिहास को लेकर ट्विटर पर मुगल वर्ड ट्रेंड हो रहा है। एक यूजर

अब इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि एनसीईआरटी की हिस्ट्री की बुक्स में आधारहीन इतिहास पढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में एजुकेशन फील्ड से जुड़ी डॉ. इंदु विश्वनाथन ने ट्वीट किया है।

आरटीआई का पहला सवाल
पिछले साल एनसीईआरटी की 12वीं क्लास की हिस्ट्री की बुक में थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री पार्ट-टू के पेज 234 पर दूसरे पैरा में दी गई जानकारी का सोर्स पूछा गया था। इस पैरा में लिखा गया है कि जब युद्ध के दौरान मंदिरों को ढहा दिया गया था बाद में शाहजहां और औरंगजेब ने इन मंदिरों की मरम्मत के लिए ग्रांट जारी किया था।

आरटीआई का दूसरा सवाल
आरटीआई में दूसरा सवाल था कि औरंगजेब और शाहजहां ने कितने मंदिरों की मरम्मत कराई थी। एनसीईआरटी ने दोनों सवालों का एक जैसा जवाब दिया। 18 नवंबर 2020 को जारी पत्र के अनुसार कहा गया कि मांगी गई सूचना विभाग की फाइलों में उपलब्ध नहीं है। लेटर पर हेड ऑफ डिपार्टमेंट एंड पब्लिक इंफोर्मेशन ऑफिसर प्रो. गौरी श्रीवास्तव के साइन हैं।

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