इतिहास में जब भी राम मंदिर का जिक्र होगा तो भारतीय जनता पार्टी का नाम उसके साथ जरुर जोड़ा जाएगा। बीजेपी इस मुद्दे को शुरे से अंत तक लड़ती रही। बीजेपी इकलौती ऐसी पार्टी है जो अयोध्या का जिक्र हमेशा करती है। पर अब राज्य में सियासत का रंग एक हो रहा है। लाल, हरा, नीला सब भगवा में तब्दील हो रहा है। अयोध्या से मुह मोड़ने वाली पार्टियां अब वहां मत्था टेकती हुई दिख रहीं हैं।

एक वक्त था जब राज्य में गैर भाजपाई अयोध्या से और राम के नाम से कतराती थी लेकिन अब वही पार्टियां अयोध्या में सम्मेलन कर रही हैं। राम के नाम राजनीतिक नैया पार लगाने में जुटी हैं।

बीते सप्ताह शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी के नेता सतीश चंद्र मिश्र ने अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन किया। अखिलेश यादव भी राम के सामने मत्था टेकने से नहीं चुके।

वहीं समाजवादी पार्टी के नेता और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने कहा, ‘संसद के सत्र के बाद हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरे राज्य का दौरा शुरू करेंगे और अयोध्या भी आएंगे।’ 

इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीएसपी भी अब अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक महत्व को समझने की कोशिश शुरू कर दी है। ब्राह्मण सम्मेलन में जय श्री राम की गूंज सुनाई दी। इससे साफ होता है कि बीएसपी यहां सिर्फ सम्मेलन नहीं कर रही है बल्कि राम के रंग में रंगने की कोशिश भी  कर रही। मायावती भी सीएम बनने के लिए राम का सहारा ले रही हैं।

बीएसपी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां पहुंचे रविवार वह अयोध्या पहुंचे और विकास कार्य की चल रही परियोजनाओं को जायजा लिया। यही नहीं सोमवार को एक बार फिर से यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश चंद्र शर्मा पहुंचे और सरकारी अधिकारियों से बात करके विकास कार्यों का जायजा लिया। 

साल 2017 से लेकर सीएम योगी 20 बार अयोध्या का दौरा कर चुके हैं। इससे साफ हो जाता है कि पार्टी के लिए राम और उनकी नगरी कितनी अहम है। बात यहीं थमी है, खबर है कि योगी आदित्यनाथ साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव भी यहीं से लड़ सकते हैं। शायद यही वजह है कि अब दूसरी पार्टियों ने भी अयोध्या का रुख किया है और वे यह जताना चाहती हैं कि वे इससे अछूती नहीं हैं। 

केंद्र में बैठी भारतीय जनता पार्टी अयोध्या को नए विकसित शहर के तौर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी करने में जुटी हुई है। अयोध्या में नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन और रामायण सर्किट के तहत अन्य कई प्रोजेक्ट्स को बीजेपी सरकार ने अपने दौर में आगे बढ़ाया है। यही नहीं जून में खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में यूपी सरकार की ओर से किए गए विकास कार्यों की समीक्षा की थी। 

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