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संघ लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) की तरफ से आयोजित होने वाली परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अब अपने नंबर ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके अलावा अगर आयोग की परीक्षा में उन्हें सफलता नहीं मिली तो निजी क्षेत्र में उन्हें आसानी से नौकरी मिल सकेगी। यूपीएससी से मिली जानकारी के मुताबिक यह पहल सरकार से मिले उस प्रस्ताव के बाद शुरू की गई है जिसमे अभ्यर्थियों का डेटा बैंक बनने की बात कही गई थी। परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों की यह जानकारी निजी क्षेत्र में भर्तियों को बढ़ावा देने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है। कुल मिलकर देखें तो आयोग की इस पहल से अन्य निजी नियोक्ताओं को अच्छे उम्मीदवार तलाशने में मदद मिलेगी।

यूपीएससी के अनुसार यह व्यवस्था ऐसे अभ्यर्थियों के लिए की गई है जो परीक्षा में शमिल तो हुए लेकिन अंतिम परिणामों के लिए उनके नाम की सिफारिश नहीं की गई और वह नियुक्त होने से रह गए। इस प्रक्रिया के तहत आयोग अभ्यर्थियों का नाम, जन्म तिथि, श्रेणी (एससी, एसटी या दिव्यांग), शैक्षणिक योग्यता, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंक, घर का पता, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर अन्य भर्ती एजेंसियों के लिए ऑनलाइन साझा करेगा।

आयोग अपनी परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को यह विकल्प भी देगा कि आवेदक अगर चाहें तो इसका हिस्सा नहीं भी बन सकते हैं। आयोग इस योजना के तहत आने वाली सभी परीक्षाओं के नोटिस में अभ्यर्थियों को आवश्यक निर्देश देगी। इस प्रक्रिया के लागू होने के बाद सशस्त्र बलों और सीमित विभागीय प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं देने वाले अभ्यर्थियों के अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के परीक्षार्थीयों को भी फायदा मिलेगा। यूपीएससी के मुताबिक, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ये अंक अन्य नियोक्ताओं के लिए बेहद उपयोगी डेटाबेस साबित होंगे, क्योंकि इससे उन्हें नियुक्ति के लिए योग्य अभ्यर्थियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इस पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक भर्ती एजेंसियों के साथ एकीकृत सूचना प्रणाली से भी जोड़ने की तैयारी है। यह वेबसाइट राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने विकसित की है।

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