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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार दोपहर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. लद्दाख से लौटने के बाद पीएम मोदी की राष्ट्रपति से हुई मुलाकात ने हलचल बढ़ा दी है. प्रधानमंत्री मोदी रविवार को दिन में करीब साढ़े 11 बजे राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली. राष्ट्रपति भवन की तरफ से ट्वीट करके इस मुलाकात की जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के तमाम विषय पर विस्तार से जानकारी दी.

राष्ट्रीय और अतंरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा
राष्ट्रपति भवन की तरफ से ट्वीट करते हुए कहा गया, पीएम और राष्ट्रपति के बीच कई राष्ट्रीय और अतंरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई. राष्ट्रपति के ट्वीट में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषय से साफ है कि प्रधानमंत्री ने LAC विवाद और कोरोना संक्रमण जैसे विषयों पर देश के संवैधानिक प्रमुख रामनाथ कोविंद को अवगत कराया है.

बता दें कि दो दिन पहले ही पीएम मोदी लद्दाख से लौटे हैं. वहां उन्होंने गलवान घाटी में घायल हुए सैनिकों से मुलाकात की थी. इसके अलावा उन्होंने सीमा के हालात का जायजा लेने के बाद सैनिकों को संबोधित भी किया था.

उपराष्‍ट्रपति का ट्वीट
उधर उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी एक बेहद अहम ट्वीट करते हुए लिखा है ‘भारत इतिहास के बेहद नाजुक मोड़ से गुजर रहा है. हम एक साथ कई आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन हमें जो चुनौतियां दी जा रही हैं, उसका सामना करने का हमारा निश्‍चय दृढ़ रहना चाहिए.

नाम नहीं लिया फिर भी बौखलाया चीन
पीएम मोदी के लेह दौरे से सबसे बड़ा संदेश चीन को गया है। मोदी के नीमू दौरे के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा कि ‘किसी को भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे तनाव और बढ़े।’ चीन ने सीमा पर जैसी आक्रामक मोर्चाबंदी की है, उसे पीएम मोदी के इस दौरे से पता लग गया होता कि भारत पीछे हटने वाला नहीं। LAC की रक्षा के लिए भारत की सेना और राजनीतिक ताकतें भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चीन को यह भी संदेश गया होगा कि धीमे-धीमे कब्‍जा करने वाली उसकी रणनीति को भारत सहन नहीं करेगा। जिस तरह से सैनिकों के साथ पीएम मोदी ने बातचीत की, उससे साफ है कि भारत ने चीन के साथ बातचीत का रास्‍ता खुला छोड़ा है मगर किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब देने को तैयार है।

चीन पर साधा था निशाना
पीएम मोदी ने चीन का नाम लिए बिना करारा हमला किया था. उन्होंने कहा था, ‘हम वही लोग हैं जो भगवान कृष्ण की बांसुरी बजाते हैं, लेकिन हम भी वही लोग हैं जो भगवान कृष्ण की मूर्ति बनाते हैं और उनका अनुसरण करते हैं जो ‘सुदर्शन चक्र’ धारण करते हैं.’

विस्‍तारवाद के बहाने चीन पर निशाना
लेह में पीएम मोदी ने चीन की ‘विस्‍तारवादी’ नीति पर हमला बोला था। उन्‍होंने चीन का नाम लिए बिना कहा कि ‘विस्‍तारवाद का युग समाप्‍त हो चुका है और अब विकासवाद का वक्‍त है।’ पीएम मोदी ने चीन को साफ शब्‍दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ‘किसी पर विस्तारवाद की जिद सवार हो तो वह हमेशा विश्व शांति के सामने खतरा है। इतिहास गवाह है कि ऐसी ताकतें मिट जाती हैं।’

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