कोरोना का खतरा बीते साल की तरह एक बार फिर दुनिया पर मंडराने लगा है। हालांकि वैज्ञानिकों के अथक प्रयास की वजह से इसका टीका तैयार हो चुका है, लेकिन अभी दनिया की एक बड़ी आबादी को लगना बाकी है। भारत में भी इसके खतरे को देखते हुए कई राज्यों में लॉकडाउन की तैयारी चल रही है। आज प्रदानमंत्री मोदी ने भी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक की और इसके तमाम पहलुओं पर चर्चा की।

राज्यों के साथ हुई इस बैठक में वैक्सीनेशन और संक्रमण में इजाफे को लेकर मीटिंग के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों में दवा की बर्बादी को लेकर राज्यों को नसीहत दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में 10 फीसदी से ज्यादा वैक्सीन बर्बाद हुई है। इसके अलावा यूपी का हाल भी कुछ ऐसा ही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बात की समीक्षा की जानी चाहिए कि आखिर दवा की बर्बादी क्यों हो रही है? हर शाम को दवा की मॉनिटरिंग होनी चाहिए और प्रो-एक्टिव लोगों से संपर्क करना चाहिए ताकि कोई बर्बादी न हो सके। यही नहीं पीएम ने कहा, ‘यह चिंता की बात है कि आखिर कुछ इलाकों में टेस्टिंग कम क्यों हो रही है। कुछ इलाकों में वैक्सीनेशन कम क्यों हो गया है? मेरे ख्याल से यह समय गुड गवर्नेंस को परखने का है। हमारा आत्मविश्वास अतिआत्मविश्वास में तब्दील नहीं होना चाहिए।’

देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा हो रही है कि कैसे भारत ने कोरोना संकट से निपटने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि भारत में 96 फीसदी लोग कोरोना से रिकवर हुए हैं। इस मीटिंग के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी का मुख्य जोर इन बातों पर रहा कि

– कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं कि स्थानीय प्रशासन मास्क को लेकर सख्ती नहीं बरत रहा है। इस पर फोकस करना चाहिए।

– टेस्टिंग और वैक्सीनेशन भी कई इलाकों में कम हो गया है। 

– कोरोना से लड़ाई में हमें कुछ आत्मविश्वास मिला है, लेकिन यह अति आत्मविश्वास में तब्दील नहीं होना चाहिए था।

– हमें कोरोना संकट से बचने के लिए माइक्रो-कंटेनमेंट जोन्स पर काम करना होगा। इसमें ढिलाई नहीं की जा सकती। एक साल के बाद हमें वैक्सीन मिल गई है। वैक्सीन बर्बाद नहीं होनी चाहिए। यदि आप वैक्सीन बर्बाद कर रहे हैं तो समझें कि आप दूसरों के फायदे के आड़े आ रहे हैं।

– एक बार फिर से पुराने नारे को दोहराते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें कड़ाई भी और दवाई भी नीति पर काम करना होगा।

हम आपको बता दे कि कई राज्यों में कोरोना के केसों में कमी आई थी और अब फिर इजाफा हो रहा है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कोरोना के केसों में तेजी से इजाफा हुआ है। देश के 70 जिलों में कोरोना की संख्या में 150 फीसदी का इजाफा हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने चेतावनी दी है कि यदि हमने दूसरी लहर को तुरंत नहीं रोका तो फिर बड़ी मुश्किलों का सामना करना होगा।

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