नेताजी सुभाष चंद्र बोस की शनिवार को 125 वीं जयंती मनायी गई। नेताजी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता पहुंचे। कोलकाता पहुंचने पर ही पीएम मोदी सफेद कुर्ता, चूड़ीदार पायजामा और क्रीम कलर की शॉल में नजर आए।  पीएम मोदी अपनी वेशभूषा से बिलकुल बंगाल की महान विभूति गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर का आभास करा रहे थे।

पीएम मोदी कोलकाता में सबसे पहले नेताजी भवन में पहुंचे। यह सुभाष बाबू का निजी घर है। पीएम मोदी ने इस घर का पूरा जायजा लिया। उन्होंने यहां मौजूद सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी चीजों का निरीक्षण किया।

नेताजी भवन के घर से पीएम मोदी नेशनल लाइब्रेरी पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने नेताजी की तस्वीरों का मुआयना किया। बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती को केंद्र सरकार पराक्रम दिवस के रूप में मना रही है।

इसके बाद प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम में शामिल होने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल पहुंचे। वहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्रोटोकोल के वास्ते उनके साथ रहीं। हालांकि यहां आयोजित कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा देखने को मिला। यहां पर उन्होंने भाषण देने से इनकार कर दिया। दरअसल, ममता बनर्जी जब मंच पर भाषण देने पहुंचीं तो नारेबाजी शुरू हो गई।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बंगाल की विभूतियों को याद किया। कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज कोलकाता में आना मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला क्षण है बचपन से जब भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का नाम सुना, मैं किसी भी स्थिति-परिस्थिति में रहा, इस नाम से एक नई ऊर्जा से भर गया। देश आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के ही दिन मां भारती की गोद में उस वीर सपूत ने जन्म लिया था, जिसने आजाद भारत के सपने को नई दिशा दी थी। आज के ही दिन ग़ुलामी के अंधेरे में वो चेतना फूटी थी, जिसने दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता के सामने खड़े होकर कहा था, मैं तुमसे आजादी मांगूंगा नहीं, छीन लूंगा।

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं नेताजी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूं। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान का एक-एक व्यक्ति नेताजी का ऋणी है। 130 करोड़ से ज्यादा भारतीयों के शरीर में बहती रक्त की एक-एक बूंद नेताजी सुभाष की ऋणी है। आज हर भारतीय अपने दिल पर हाथ रखे, नेताजी सुभाष को महसूस करे, तो उसे फिर ये सवाल सुनाई देगा। क्या मेरा एक काम कर सकते हो? ये काम, ये काज, ये लक्ष्य आज भारत को आत्मनिर्भर बनाने का है। देश का जन-जन, देश का हर क्षेत्र, देश का हर व्यक्ति इससे जुड़ा है।

पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती को ‘पराक्रम दिवस के रूप में मनाने से आशा और राष्ट्रीय गौरव का संचार होगा।

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