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सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। जिसमें याचिकाकर्ता ने पति को भ्रष्टाचार के लिए उकसाने वाली पत्नी को पति की मौत के बाद आरोपी बनाया जाने की मांग है। इस याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट भी तैयार हो गया है।

मामला ओडिशा में विजिलेंस डिपार्टमेंट ने 2005 में सेवानिवृत इलेक्ट्रिक सुपरिटेंडेंट इंजिनियर अनंत राम बेहेरा का है। बेहेरा पर आय से अधिक संपत्ति को लेकर केस दर्ज किया गया था। चार्जशीट में उनकी पत्नी आरती बेहेरा नी साहो को भी सह-आरोपी बनाया गया क्योंकि ज्यादातर संपत्ति उनके नाम पर ही थी।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। ट्रायल कोर्ट और ओडिशा हाई कोर्ट ने सह-आरोपी पत्नी के खिलाफ केस जारी रखने का आदेश दिया है जबकि मुख्य आरोपी पति की मौत हो चुकी है।

वकील शुभाशीष मिश्रा ने 2 जजों की बेंच के सामने तर्क दिया कि भ्रष्टाचार के लिए उकसाने या सहभागी होने को साबित नहीं किया जा सकता क्योंकि मुख्य आरोपी की मौत हो चुकी है। इस अपराध की पुष्टि मुख्य आरोपी के रहते ही हो सकती थी।

चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, ‘यह एक बहुत खतरनाक प्रस्ताव है जिसे स्वीकार करने के लिए कहा जा रहा है।’ हालांकि, बेंच ने बाद में माना कि महिला के साथ अभी तक सुप्रीम कोर्ट में कोई चर्चा नहीं की गई है। बेंच ओडिशा सरकार और विजिलेंस डिपार्टमेंट को याचिका के संबंध में नोटिस जारी किया गया है।

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