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सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को प्रायोजित श्रेणी में एमबीबीएस प्रवेश मामले में अहम निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि केंद्र सरकार हर साल प्रवेश की अंतिम तिथि से कम से कम 15 दिन पहले चयनित विदेशी छात्रों को प्रवेश की सूचना देगी। कोर्ट ने कहा है कि केन्द्र सरकार हर वर्ष प्रवेश के लिए छात्रों के नाम मंजूर किये जाने की सूचना छात्रों को 15 अगस्त तक दे देगी।

सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश इसलिए दिये ताकि देर से सूचना पाने के कारण विदेशी छात्र प्रवेश से वंचित न रहें। इसके साथ ही कोर्ट ने अंतिम तिथि बीतने के बाद सात विदेशी छात्रों को एम्स में प्रवेश देने का आदेश दिया।

यह मामला प्रायोजित श्रेणी से विकसित देशों के छात्रों को एम्स में MBBS कोर्स में प्रवेश का था। अंतिम तिथि बीतने के कारण एम्स द्वारा प्रवेश देने से मना किये जाने के बाद छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी। कोर्ट गए सात विदेशी छात्रों में तीन लड़कियां और चार लड़के हैं जिसमें से एक ईरान, दो भूटान और चार नेपाल के हैं।

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद ये आदेश दिये। ईरानी छात्रा आरेफी किगनी के वकील आरके गुप्ता ने कोर्ट से एम्स को प्रवेश लेने का आदेश देने की मांग करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय ने 30 अगस्त को प्रवेश के लिए छात्रा का नाम मंजूर होने की सूचना भेजी थी। विदेश से यहां आने में समय लगता है। जब छात्रा 2 सितंबर को प्रवेश लेने एम्स पहुंची तो एम्स ने यह कहते हुए मना कर दिया कि प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त बीत चुकी है।

कोर्ट ने बहस सुनने के बाद कहा कि इस साल और पिछले साल की घटनाओं को देखते हुए कोर्ट का यह मानना है कि प्रायोजित श्रेणी के विदेशी छात्रों को सरकार को प्रवेश की अंतिम तिथि से कम से कम 15 दिन पहले सूचना देनी चाहिए। दूसरे शब्दों मे कहा जाए तो प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त तक सूचना दे दी जानी चाहिए।

कोर्ट ने कहा है कि इस संबंध में संबंधित देश और संबंधित राज्यों की अथारिटी को उम्मीदवारों के बारे में पूर्व सूचना दी जानी चाहिए। MBBS प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश का शिड्यूल तय कर रखा है जिसके मुताबिक प्रवेश की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।

इस वर्ष मेडिकल कॉलेजों में इस कोटे के तहत सीटों के आवंटन की रूपरेखा 16 अगस्त को तैयार की गई। इसके बाद ईरान, नेपाल व भूटान और उत्तर पूर्व राज्यों ने प्रायोजित छात्रों की सूची तैयार की। विदेश मंत्रालय ने इन छात्रों को दाखिले को लेकर अपनी सहमति 30 अगस्त को दी। लिहाजा छात्र दाखिले के लिए कॉलेजों में एक व दो सितंबर को पहुंचे लेकिन उन्हें दाखिले देने से इनकार कर दिया गया क्योंकि MBBS कोर्स में दाखिले के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त आखिरी तारीख तय कर रखी है।

संजय रमन सिन्हा

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