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बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालेगांव बम धमाका केस में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को राहत देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा को बेल पर रिहा करने के आदेश दे दिए हैं। जबकि इसी केस के दूसरे आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है

कोर्ट ने साध्वी को सशर्त रिहा किया है, पांच लाख मुचलके के साथ ही साध्वी को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के पास अपना पासपोर्ट जमा करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि मालेगांव केस के पीड़ित परिवारों ने आरोपियों के जमानत के खिलाफ कोर्ट में याचिका दर्ज की थी।

बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट ने पुरोहित द्वारा दायर जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। 28 जनवरी को एनआईए की एक स्पेशल कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा और कर्नल प्रसाद पुरोहित की जमानत याचिका नामंजूर कर दी थी जिसके बाद दोनों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

क्या था मामला

29 सितंबर 2008 में मालेगांव में एक बम धमाके को अंजाम दिया गया था, जिसमें मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था। बम धमाके में 7 लोग मारे गए थे और करीब 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले की जब एटीएस यानि आतंकवाद निरोधक दस्ते ने जांच की तो अभिनव भारत संस्था का नाम सामने आया। स्वामी असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा समेत कर्नल पुरोहित को अक्टूबर 2008 में गिरफ्तार कर लिया गया। पिछले आठ साल से आरोपी जेल में थे। 2009 में स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगाया था।अप्रैल, 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को हटाकर मकोका लगाने से इंकार कर दिया, साथ ही कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। अब 25 अप्रैल 2017 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा को जमानत पर रिहा कर दिया।

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