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सोहराबुद्दीन मामले में  विशेष सीबीआई अदालत की टिप्पणी के सहारे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। फेसबुक पर लिखे अपने एक ब्लॉग में जेटली ने कहा कि मुंबई के विशेष सीबीआई जज ने सोहराबुद्दीन केस में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि बरी करने के आदेश से ज्यादा प्रासंगिक जज की टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही जांच एजेंसी ने सच सामने लाने के लिए पेशेवर तरीके से जांच नहीं की बल्कि कुछ राजनीतिक लोगों की तरफ इसे मोड़ा गया।

मालूम हो कि फैसले के दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  ने ट्वीट कर कहा था, ‘सोहराबुद्दीन को किसी ने नहीं मारा।’  जिस पर पर पलटवार करते हुए जेटली ने लिखा, ‘ज्यादा अच्छा तो यह होता कि वह सही सवाल उठाते कि किसने सोहराबुद्दीन केस की जांच को प्रभावित

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अरुण जेटली ने आगे लिखा कि 27 सितंबर 2013 को राज्यसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखकर सोहराबुद्दीन, तुलसी प्रजापति, इशरत जहां, राजेंद्र राठौड़ और हरेन पांड्या केसों की जांच के राजनीतिकरण का जिक्र किया था। उन्होंने ब्लॉग के साथ पत्र की कॉपी भी शेयर की है।

उन्होंने कहा, ‘हर एक शब्द जो मैंने पत्र में कहा था, पांच वर्षों के बाद सत्य साबित हुआ है। यह इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि कांग्रेस ने हमारी जांच एजेंसियों के साथ क्या किया।’  उन्होंने आगे बताया कि जिन लोगों ने हाल ही में संस्थागत स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई थी, उन्हें गंभीरतापूर्वक आत्म-निरीक्षण करना चाहिए कि उन्होंने उस समय CBI के साथ क्या किया था जब वह सत्ता में थे।

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बता दें कि सोहराबुद्दीन, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी पर विशेष सीबीआई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी कोर्ट ने कहा कि मुठभेड़ की जांच पहले से सोचे समझे गए सिद्धांत के साथ कई राजनीतिक नेताओं को फंसाने के उद्देश्य से की गई थी।

गौरतलब  है कि विशेष सीबीआई न्यायाधीश एसजे शर्मा ने 21 दिसंबर को सोहराबुद्दीन मामले में 22 आरोपियों को बरी करते हुए 350 पृष्ठों वाले फैसले में यह टिप्पणी की।

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