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विधानसभा में यूपी प्रयाग राज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर सनातन परंपरा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। इस विधेयक को समूचे विपक्ष के विरोध तथा सपा और कांग्रेस की नारेबाजी के बीच विधानसभा से पारित किया गया। विपक्ष ने सरकार पर इस विधेयक के जरिए हिंदू परंपरा से खिलवाड़ करने, वेदों व पुराणों की मान्यता को ठुकराने तथा सनातन धर्म व ऋषि-मुनि परंपरा का अपमान करने का आरोप लगाया और इसे वापस लेने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सरकार हिंदू विरोधी है और संतों, परंपराओं का अपमान कर रही है। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया। कहा, सरकार किसी परंपरा में कोई बदलाव नहीं कर रही है। सपा-कांग्रेस ने इस मसले पर सदन से वॉक आउट किया।

आपको बता दें कि सरकार ने विधानसभा में उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण विधेयक विचार के लिए रखा था। हालांकि, अध्यादेश के जरिए इसे पहले ही अमल में लाया जा चुका है। विधेयक में ‘अर्द्धकुंभ’ का नाम बदलकर ‘कुंभ’ और ‘कुंभ’ का नाम बदलकर महाकुंभ कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने इस पर वेदों, पुराणों और शास्त्रसम्मत परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस नाम और परंपरा को सृष्टि बदलने की क्षमता रखने वाले मनीषियों तक ने नहीं बदला, सरकार उसे बदलने की कुचेष्टा कर रही है।

उन्होंने कहा कि कुंभ का आयोजन खगोलीय संयोगों पर निर्भर करता है। रामराज का दावा करने वाली ‘महामंडलेश्वर’ की सरकार ने लगता है खगोलीय घटनाओं पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। इससे पहले यह प्रयास रावण ने किया था, लेकिन उसे मानव नहीं दानव कहा गया।

सपा विधायक दल के नेता लालजी वर्मा  और कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने भी चौधरी की बात का समर्थन करते हुए बल दिया।

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