भारतीय खिलाड़ी जोश,जुनुन, जज्बा और हौसला के साथ एक जत्था टोक्यो पहुंच चुके है। सभी खिलाड़ी वहां भारत का झंड़ा लहराने के उत्साह से गए है। यह सभी खिलाड़ी 17 जुलाई शनिवार को दिल्ली ऐयरपोर्ट से रवाना हुए। भारतीय एथलीटों और सपोर्ट स्टाफ का एक बड़ा और पहला जत्था टोक्यो पहुंच गया है। इन सभी खिलाड़ीयो के लिए ऐयरपोर्ट पर एक खास समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें खेल मंत्री अनुराग ठाकुर समेत कई भारतीय ओलिंपिक संघ के अधिकारियों की मौजूदगी में खिलाड़ियों को टोक्यो के लिए रवाना किया गया।

भारत का 228 सदस्यीय दल ओलंपिक में भाग लेगा, जिसमें 119 खिलाड़ी शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के बीच आयोजित किया जा रहा खेलों के लिए भारत के 8 खेलों तीरंदाजी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, जूडो, जिम्नास्टिक, तैराकी और भारोत्तोलन के खिलाड़ी, सहयोगी स्टाफ और अधिकारी नई दिल्ली से विशेष विमान से जापान की राजधानी पहुंचे।

पहले जत्था में 88 सदस्य मौजूद है, जिनमें 54 खिलाड़ियों के अलावा सहयोगी स्टाफ और भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। भारतीय खिलाड़ियों का हवाई अड्डे पर कुरोबे शहर के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। उनके हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था, ‘कुरोबे भारतीय खिलाड़ियों का समर्थन करता है #चीयर्स4इंडिया.’

हॉकी में पुरुष और महिला की दोनों टीमें शामिल हैं। हवाई अड्डे पर अप्रत्याशित दृष्य देखने को मिला। ओलंपिक दल के लिए लाल कालीन बिछा हुआ था। खिलाड़ियों की विदाई के लिए इतना उत्साह बना हुआ था कि भारत सरकार ने इन सदस्यों की कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी।

भारत कि तरफ से सबसे पहले चार भारतीय नाविक नेत्र कुमानन और विष्णु सरवनन, केसी गणपति और वरुण ठक्कर यूरोप में अपने अभ्यास स्थलों से टोक्यो जा चुके है। उन्होंने गुरुवार से अभ्यास करना भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा रोइंग टीम भी टोक्यो पहुंच चुकी है।

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