रेप यानि बलात्कार…. यह शब्द सुनना जितना आसान है, उतनी ही मुश्किल है इसके दर्द को सहना। देश की तमाम मीडिया में इन दिनों जम्मू के कठुआ में आठ साल की बच्ची को रेप करने बाद हत्या कर दिए जाने की खबरें सुर्खियों में हैं। कभी निर्भया की रेप के बाद मौत की खबर भी हेडलाईन बनी थी। वैसे तो रेप करने के बाद कोई भी अपराधी महिला को जिंदा नहीं छोड़ता है और अगर छोड़ भी देता है तो उस महिला का जीना न जीना बराबर है। जीते जागते मोम की मूर्ति सी बनकर रह जाती है रेप पीड़िता। कहते हैं कि शरीर के घाव तो भर जाते हैं लेकिन आत्मा को लगी चोट ज़िन्दगी भर कचोटती है। रेप करके एक पुरुष को तो मन की संतुष्टि मिल जाती है लेकिन एक औरत को सारी जिंदगी उस दर्द को सहना पड़ता है। कभी समाज के ताने तो कभी शादी न होने का डर तो कभी अपने खिलाफ हुए अपराध के विरोध में आवाज उठाने पर ज़िन्दगी खोने का डर। उसे चाहे अनचाहे ताने सुनने पड़ते हैं जो उसके जख्मों को हरा कर देते हैं। लेकिन रेप पीड़िता के पास रोने के सिवा और कुछ नहीं बचता है।

लेकिन कभी आपने सोचा है कि अगर किसी अपराधी पुरुष पर रेप का मुकदमा दर्ज किया जाता है तो इसकी क्या सजा होती है ?  रेप की सजा हर देश में अलग-अलग तय की गई है।  यहां हम आपको अलग-अलग देशों में दी जाने वाली रेप की सजा के बारे में बताएंगे। शुरुआत करते है सउदी अरब से।

  • सउदी अरब: सउदी अरब एक मुस्लिम देश है, इस वजह से यहां के कानून भी इस्लामी नियमानुसार बने हुए हैं। यहां किसी महिला के साथ बलात्कार को अंजाम देने वाले पुरुष को जिंदा नहीं छोड़ा जाता है। ऐसी दर्दनाक सजा दी जाती है कि बलात्कारी की रूह तक कांप जाए। यहां पर रेप के गुनहगार को तब तक पत्थर मारे जाते हैं, जब तक कि वो मर ना जाए और यह जुर्म की मौत आसान नहीं क्योंकि गुनहगार को मरने से पहले काफी पीड़ा और यातना से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा यहां किसी महिला को बेआबरू करने का दोषी पाए जाने पर उस शख्स का सिर कलम कर दिया जाता है।
  • ग्रीस: ग्रीस में रेप की सजा को सहना बेहद मुश्किल है। यहां रेप करने वाले को बेड़ियों में जानवरों की तरह बांध कर रखा जाता है और यह सजा उम्रकैद के रुप में दी जाती है। यानि जब तक अपराधी को खुद मौत न आ जाए, ऐसे ही बेड़ियों में बांधकर रखा जाता है। खास बात ये है कि यह सजा सिर्फ रेप के लिए ही नहीं बल्कि महिला के खिलाफ छोटे से छोटे ज़ुर्म के लिये भी दी जाती है।
  • चीन: इन मामलों में चीन अन्य देशों से आगे हैं। चीन में रेप की सजा काफी तेजी से दी जाती है। यहां रेप के मामलों में बिना देरी किए अपराधी को जल्द से जल्द मौत के घाट उतार दिया जाता है।
  • ईरान: ईरान में रेप के लिए बहुत ही कड़े प्रावधान बनाए गए हैं। यहां महिला को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती है। सबसे पहले महिला को मुआवजा देकर अपराधी को माफ करने के लिए राजी किया जा सकता है। लेकिन अगर वह न माने तो अपराधी को सौ कोड़े मारे जाते हैं। जरुरत पड़ने पर उसे ताउम्र जेल भी हो सकती है।
  • मिस्त्र: मिस्र में भी रेप के लिए मौत की सजा का प्रावधान रखा गया है। यहां बलात्कारी को फांसी दी जाती है और वह सजा बेहद भयानक होती है क्योंकि आरोपी को तड़पा तड़पा कर मारा जाता है।
  • अफगानिस्तान: यह एक मुस्लिम देश है इसलिए यहां पर इस्लामी कानून से रेप की सजा दी जाती है। यहां भी बलात्कारी को मौत की सजा दी जाती है। यहां की सजा की खास बात ये है कि यहां गुनाह करने वाले को तीन-चार दिनों के भीतर ढूंढ कर सर में गोली मार कर मौत दी जाती है।
  • उत्तर कोरिया: यहां बाकी सभी देशों की अपेक्षा सबसे दर्दनाक सजा दी जाती है। यहां अपराधी के प्रति कठोर रूख अपनाते हुए मुजरिम के सर में एक के बाद एक गोलियां दागी जाती हैं। ताकि अन्य कोई अपराधी सपने में भी ऐसा करने की न सोचें।
  • भारत: भारत में भारतीय दंड विधान के तहत बलात्कार के दोषी कोधारा 376 के तहत सजा दी जाती है। इस धारा के अंतर्गत पीड़ित महिला सीधे थाने में जाकर आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा सकती है। यदि पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो पीड़ित महिला कोर्ट की शरण लेकर भी आरोपी के खिलाफ केस रजिस्टर्ड कर सकती है।इस मामले में अधिकतम सजा उम्रकैद है। केस की स्थिति के अनुसार अदालत 7 और 10 साल की सजा सुनाती है। पीड़िता की मौत होने पर फांसी की सजा भी हो सकती है।
  • पाकिस्तान: यहां रेप के मामले में दोषियों को न्यूनतम उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। किसी महिला के साथ रेप करने पर सामान्यतया 10 से 25 साल की सजा का प्रावधान है। अप्राकृतिक रूप से लैंगिक उत्पीड़न के लिए दो साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

अंकिता जैन, APN

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