अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान (Taliban) को कब्जा किए दो हफ्ते हो गए हैं, लेकिन अभी तक पंजशीर (Panjshir) को तालिबान अपने कब्जे में नहीं ले पाया है। इस बीच रविवार को तालिबान ने पंजशीर घाटी में इंटरनेट की सेवा को बंद करवा दिया है। बताया जा रहा है कि तालिबान ने पंजशीर में इंटरनेट पर इसलिए रोक लगाई है, ताकि अमरुल्ला सालेह(Amarulla Saleh) कोई ट्वीट न कर सकें। अमरुल्ला सालेह ट्विटर पर लगातार सक्रिय न हैं और तालिबान के खिलाफ ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को ही ट्वीट किया था Resistance, जिसका मतलब होता है ‘प्रतिरोध। इसको लेकर तलिबानी घबरा गए।

बता दें कि अफगान सरकार में उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान का शासन लंबे समय तक नहीं चलेगा। यूरो न्यूज के साथ बातचीत में सालेह ने कहा कि तालिबान का इस्लामी शासन अफगानिस्तान के लोगों को रास नहीं आएगा और इस आतंकी संगठन को जनता की ओर से चुना हुआ नेता गवारा नहीं होगा। इसलिए तालिबान का अफगानिस्तान पर लंबे समय तक शासन कर पाना संभव ही नहीं।

सालेह ने ये भी कहा कि तालिबान को जल्द ही गंभीर सैन्य संकट का सामना करना पड़ेगा। पंजशीर के बाहर भी उसे उनकी सेना का कड़ा मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि तालिबान को ना तो बाहरी और न ही आंतरिक वैधता मिली है। पंजशीर के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी तालिबान के खिलाफ लगातार प्रतिरोध बढ़ रहा है और उनको जल्द ही सैन्य संकट का भी सामना करना पड़ेगा।

उधर, पंजशीर के लड़ाकों ने भारी मशीनगन का इस्तेमाल करके तालिबान आतंकवादियों को क्षेत्र पर कब्जा करने से रोका हुआ है। ये लड़ाके नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (NRF) से हैं, जो तालिबान की ओर से काबुल पर कब्जे के बाद सबसे मजबूत है। प्रसिद्ध अफगान कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद तालिबान को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

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