अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut)  से महाराष्ट्र की उद्धव सरकार खुन्नस निकालने के लिए निम्न स्तर पर उतर आई है। पहले तो कंगना को मुंबई न आने की धमकी दी गई , फिर उनके खिलाफ ड्रग केस खोलने की बात कही गई। मुंबई के स्थित के उनके दफ्तर में कई तरह के अवैध निर्माण बता कर बीएमसी का नोटिस भेजा गया। और जब हाईकोर्ट ने यह तय कर दिया कि 30 सितंबर तक को तोड़ फोड़ नहीं की जाएगी, इसके बावजूद उद्धव सरकार के निशाने पर बीएमसी अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में कंगना का ऑफिस तोड़ दिया।

इस के बाद कंगना की प्रतिक्रिया आनी ही थी । ऑफिस तोड़े जाने को लेकर कंगना ने ट्वीट कर कहा, ‘मणिकर्णिका फिल्म्ज में पहली फिल्म अयोध्या की घोषणा हुई, यह मेरे लिए एक इमारत नहीं राम मंदिर ही है, आज वहां बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा राम मंदिर फिर टूटेगा मगर याद रख बाबर यह मंदिर फिर बनेगा यह मंदिर फिर बनेगा, जय श्री राम , जय श्री राम , जय श्री राम। ‘

इस बीच इन तमाम विवादों के बीच वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा में एक्ट्रेस कंगना रनौत बुधवार दोपहर मुंबई पहुंच गईं हैं। हंगामे के आसार देखते हुए एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।  बीते कुछ दिनों के विवाद को देखते हुए ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मुंबई पहुंचते ही कंगना को शिवसेना के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान उन्हें प्रोटेक्ट करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराई गई  Y श्रेणी की सिक्योरिटी टीम उनके साथ होगी। वहीं, बीएमसी ने मुंबई पहुंचने से पहले उनके दफ्तर में तोड़फोड़ की, जिसके खिलाफ कंगना ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 

मुंबई के लिए रवाना होने से पहले कंगना रनौत ने एक ट्वीट किया-‘रानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य और बलिदान को मैंने फिल्म के जरिए जिया है। दुख की बात यह है मुझे मेरे ही महाराष्ट्र में आने से रोका जा रहा है। मैं रानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलूंगी, ना डरूंगी, ना झुकूंगी। गलत के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाती रहूंगी, जय महाराष्ट्र, जय शिवाजी।’

दरअसल, कंगना रनौत और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच पिछले सप्ताह उस वक्त जुबानी जंग हो गई जब संजय राउत ने कहा कि कंगना यदि मुंबई में असुरक्षित महसूस करती हैं तो उन्हें यहां नहीं लौटना चाहिए। इस पर कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके से की थी। कंगना ने ट्विटर पर लिखा था, ‘संजय राउत ने मुझे खुलेआम  धमकी दी है और मुंबई नहीं आने को कहा है। मुंबई की गलियों में आजादी के भित्ति चित्र और अब खुली धमकी, मुंबई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जैसी फ़ीलिंग क्यों दे रहा है?’

कंगना ने आगे संजय राउत को चैलेंज करते हुए कहा, ‘आप महाराष्ट्र नहीं हैं। आप ये नहीं कह सकते कि मैंने महाराष्ट्र की निंदा की। संजय जी मैं 9 सितंबर को मुंबई आ रही हूं। आपके लोग कह रहे हैं वे मेरा जबड़ा तोड़ देंगे, मुझे मार डालेंगे। आप लोग मुझे मारिए क्योंकि इस देश की मिट्टी वो ऐसे ही खून से सींचकर बनी है। इस देश की गरिमा के लिए ना जाने कितने लोगों ने अपनी जान दी है और हमें भी अपना कर्ज निभाना है। मिलते हैं 9 सितंबर को। जय हिन्द…जय महाराष्ट्र।’

बहरहाल कंगना और महाराष्ट्र सरकार की यह लड़ाई इतनी जल्दी थमने वाली नहीं है। ऑफिस तोड़े जाने पर कंगना के वकील ने महाराष्ट्र हाई कोर्ट में गुहार लगाई कि आपके आदेश के बावजूद उद्धव सरकार ने नाफरमानी की। इस पर हाइकोर्ट ने उद्धव ठाकरे सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अव कंगना के अगले कदम का सबको इंतजार है। परंतु इतना तो साफ तो है कंगना जिस तरह से निडरता से बयान दे रही है उसके सामने उद्धव ठाकरे और पूरे सरकार को सफाई देनी मुश्किल हो रही है।

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