उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार बनाने के लिए जितने उत्साह में प्रत्याशी थे, उतने ही मतदाता भी थे। जिसके कारण हर चरण में वोटिंग का प्रतिशत भी बढ़ता चला गया। पंचायत चुनाव के लिए एक करोड़ सात लाख 4435 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसमें से 17,619 का नामांकन खारिज हो गया था, जबकि 77669 लोगों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। तीन लाख 19,317 का निर्वाचन निर्विरोध हो गया था। अब कुल एक करोड़ 28 लाख, 9830 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। जिला पंचायत सदस्य के 3050 पद के लिए 75 जिलों में 44397 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें सात प्रत्याशी निर्विरोध भी जीते है। रविवार को कुल 12 लाख 89 हजार 830 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।

क्षेत्र पंचायत वार्ड सदस्य के 75852 पद के लिए तीन लाख 42439 प्रत्याशियों ने ताल ठोंकी है। इनमें से 2005 निर्विरोध चुने गए हैं। ग्राम प्रधान के 58176 पद के लिए पांच लाख 23,173 लोगों ने नामांकन कराया था, नाम वापसी के बाद चार लाख 64,717 प्रत्याशी मैदान में हैं। 178 ग्राम प्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य पद के सात लाख 32,485 पद के लिए चार लाख 38,277 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस पद के तीन लाख 17,127 लोगों का निर्वाचन निर्विरोध हुआ है।

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में रविवार को सुबह सात बजे से बैलट पेपर की गिनती का काम शुरू होगा। जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पद के प्रत्याशी अपनी कमर कस चुके हैं। इनके भविष्य की उलटी गिनती शुरू हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद से सभी मतगणना केंद्र पर विशेष सतर्कता के निर्देश भी हैं। इस बार 829 मतगणना केंद्र पर मत पत्रों की गिनती होगी। वैसे तो इनकी गिनती का समय शाम को छह बजे तक के लिए निर्धारित है। इसके बाद भी परिणाम देर रात तक भी आने की संभावना है। प्रदेश के कुछ कर्मचारी संगठनों के मतगणना का विरोध करने की धमकी के बीच में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मतगणना में पूरा सहयोग देने का फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के साथ ही के साथ पंचायती राज विभाग और जिला तथा जिला पुलिस प्रशासन की परीक्षा का परिणाम रविवार को आ जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बाद भी दो मई को उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक लगाने से इन्कार करने के बाद अब प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा रविवार को खुलेगा। प्रदेश में शिक्षकों के साथ कर्मचारी संगठनों के विरोध के बावजूद मतगणना की जोरदार तैयारी है। प्रदेश में पंचायत चुनाव का चौथा और अंतिम चरण 29 अप्रैल को खत्म हो गया।

गांव की सरकार चुनने के लिए 15 अप्रैल को पहले चरण के लिए 18 जिलों में वोट डाले गए थे। इस चरण में लगभग 71 प्रतिशत वोटिंग वोटिंग हुई थी। पहले चरण में जिला पंचायत वार्ड के 779 पद के लिए वोट डाले गये थे। क्षेत्र पंचायत वार्ड के 19,313 पद, ग्राम प्रधान पद के लिए 14789 पद के लिए मतदान हुआ था। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 1,86,583 पद के लिए वोटिंग हुई थी। पहले चरण में कुल 51,176 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। इस चरण में 18 जिलों के तीन करोड़ 16 लाख 46 हजार 162 लोगों ने मतदान किया था। इसके बाद दूसरे चरण के लिए 19 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इसमें 20 जिलों के 72 प्रतिशत लोगों ने अपने अधिकार का प्रयोग किया। इस दौर में 20 जिलों में वोट डाले गये। दूसरे चरण में कुल 52623 पोलिंग बूथ पर तीन करोड़ 23 लाख 69 हजार 280 लोगों को वोट डालना था। पंचायत चुनाव के लिए तीसरे चरण के लिए वोटिंग 26 अप्रैल को हुई थी। 20 जिलों में कुल 73.5 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें जिला पंचायत वार्ड के 746 पद, क्षेत्र पंचायत वार्ड के 18530 पद, ग्राम प्रधान के 14379 पद और ग्राम पंचायत सदस्य के 180473 पद हैं। इस चरण में 20 जिलो में 49,789 पोलिंग बूथ पर तीन करोड़ 5,71 613 वोटर थे। पंचायत चुनाव में चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ। इसमें 17 जिलों में 75.38 फीसदी वोटिंग हुई। इस चरण में जिला पंचायत वार्ड के 738, क्षेत्र पंचायत वार्ड के 18,356, ग्राम प्रधान के 14,111 तथा ग्राम पंचायत सदस्य के दो लाख 17516 पद हैं। 17 जिलों के 48460 बूथ पर दो करोड़ 98,21 443 मतदाता थे।

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