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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि शिमला का नाम रखने से पहले इस शहर में श्यामला देवी का कोई मंदिर नहीं था। किसी भी किताब में इसका उल्लेख नहीं मिलेगा। अंग्रेजों के आने से पहले ही इस जगह का नाम शिमला रहा है। पहले यहां केवल एक ही मंदिर जाखू में होता था। उन्होंने जयराम सरकार को चेतावनी दी कि अगर शिमला का नाम बदलकर श्यामला कर दिया गया तो हिमाचल की जनता चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस सत्ता में आई तो नाम बदलने पर इसे दोबारा शिमला रखेगी। इसके खिलाफ एक जनांदोलन खड़ा होगा। वीरभद्र सिंह ने यह बात सोमवार को शिमला में पत्रकारों से हुई अनौपचारिक बातचीत में कही। वीरभद्र ने कहा कि कोई उनका नाम बदल दे या फिर सीएम जयराम ठाकुर का ही नाम बदल दे तो यह तक ठीक होगा। शिमला में पहले अंग्रेज आए। उनके साथ ही पश्चिम बंगाल से लोग आए।

बंगाल के लोग उस वक्त अंग्रेजों की सरकार में मुलाजिम होते थे, इसलिए वे शिमला पहुंचे। इन्होंने कालीबाड़ी मंदिर खोला। यह बहुत बाद में बना है। शिमला तो इस जगह को पहले से ही कहा जाता रहा है। उन्होंने शिमला पास्ट एंड प्रेजेंट समेत शिमला पर कई किताबें पढ़ी हैं। ऐसा किस ऐतिहासिक पुस्तक में लिखा है कि शिमला का नाम श्यामला देवी नाम से इस शहर का नाम शिमला पड़ा। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार 3000 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी है। सरकार को विकास पर ध्यान देना चाहिए।  नरेंद्र बरागटा को सरकारी चीफ व्हिफ बनाने जैसी व्यवस्था कहीं नहीं है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि इसके प्रावधान सही नहीं हैं। वीरभद्र ने बोर्डों-निगमों में अध्यक्षों-उपाध्यक्षों पर भी कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है।

विकास से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही भाजपा सरकार शिमला का नाम बदलने जैसे बेबुनियाद मुद्दों को उठा रही है। इससे फिजूलखर्ची ही बढ़ेगी। कांग्रेस इसका भरसक विरोध करेगी। कांग्रेस ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर शिमला का नाम बदलने पर विचार करने की बजाय राजधानी के हालात बदलने के लिए गंभीरता से प्रयास करें। शिमला का नाम बदलने का शिगूफा छोड़कर सरकार अपने दस माह के कार्यकाल की नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने विश्व प्रसिद्ध शिमला के नाम को बदलने की कोशिश की तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। शिमला के लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। शिमला की पर्यटन के तौर पर अंतरराष्ट्रीय पहचान है। श्यामला करने से पर्यटन को भी नुकसान पहुंचेगा। भाजपा के सत्ता में आने के बाद वैसे भी पर्यटन चौपट हो गया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवाला निकल चुका है। हत्या व बलात्कार के मामले बढ़े हैं। हाल ही में 24 फीसदी किराया बढ़ाकर जनता पर भारी बोझ डाला गया है। इससे लोगों में भारी आक्रोश है। महंगाई ने जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देते नहीं बन रहा, इसलिए जनता को बरगलाने के लिए नए नए तरीके निकाले जा रहे हैं। शिमला का नाम श्यामला करने का जयराम सरकार का मंसूबा कांग्रेस कभी पूरा नहीं होने देगी।

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