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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष के लिए देश के महत्वाकांक्षी मानवयुक्त मिशन को 2021 तक हासिल करने का लक्ष्य रक्षा है, जबकि प्रथम मानव रहित कार्यक्रम ‘गगनयान’ की योजना दिसंबर 2020 के लिए है। अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख के. सिवन ने बुधवार को जीएसएलवी माक- 3 रॉकेट के जरिए संचार उपग्रह जीसैट-29 के सफल प्रक्षेपण पर यह बात कही।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पर अपने संबोधन में यह घोषणा की थी कि भारत गगनयान के जरिए 2022 तक एक अंतरिक्ष यात्री को भेजने की (अंतरिक्ष में) कोशिश करेगा। इस अभियान के सफल होने पर भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला चौथा राष्ट्र बन जाएगा। सिवन ने इस सिलसिले में कहा, मिशन टीम सही रास्ते पर बढ़ रही है और काम चल रहा है।

उन्होंने कहा, ‘गगनयान टीम के प्रथम मानवरहित मिशन की योजना दिसंबर 2020 के लिए है, वहीं अंतरिक्ष में प्रथम मानव को दिसंबर 2021 तक भेजा जाएगा। हम (अपने लिए) यही लक्ष्य रख रहे हैं।’ बाद में, संवाददाताओं से बात करते हुए इसरो प्रमुख ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी की योजना मानवयुक्त मिशन से पहले दो मानव रहित मिशन भेजने की है।

उन्होंने आगे कहा, ‘पहले हम सभी मानदंडों का पालन करेंगे और यदि यह काम नहीं करेगा तो हम दूसरा मानव रहित मिशन भेजेंगे। इसके सफल हो जाने पर हम मानवयुक्त अभियान के लिए आगे बढ़ेंगे। गगनयान एक बहुत ही शानदार मिशन है। प्रधानमंत्री ने हम सभी को एक काम के रूप में एक बड़ा तोहफा दिया है।’ मानवयुक्त मिशन के अजेंडा के बारे में पूछे जाने पर सिवन ने कहा, ‘प्रथम अभियान के तहत मानव को अंतरिक्ष में ले जाया जाएगा।

सिवन ने जीएसएलवी माक-3 डी 2 को शानदार, भरोसेमंद और सामान्य बताया। उन्होंने कहा, ‘यही यान किसी भारतीय को अंतरिक्ष में लेकर जाने वाला है।’ यह पूछे जाने पर कि मानवयुक्त मिशन का प्रक्षेपण कहां से होगा, उन्होंने कहा कि यह श्री हरिकोटा से होगा लेकिन उस प्रक्षेपण के लिए हमे लॉन्च पैड में बदलाव करना होगा।

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