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अपनी ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए हैम्बर्ग पहुंच गए हैं। आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक व्यापार इस बार के सम्मेलन का मुख्य विषय होगा, जिस पर विश्व के प्रमुख 20 देशों के राष्ट्र-प्रमुख मिलकर चर्चा करेंगे। इस बार के जी-20 सम्मेलन की थीम ‘Shaping An Interconnected World’ रखी गई है। सम्मेलन में ओपन ट्रेड, पलायन, सतत विकास और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगले दो दिन दुनिया को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर जी-20 देशों के नेताओं के साथ बात होगी। इनमें आर्थिक विकास, सतत विकास और शांति एवं स्थिरता पर बात होगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुई जी-20 समिट में उठाए गए मुद्दों के प्रगति की समीक्षा भी हो सकती है, जिसमें आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, व्यापार, डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन, महिला सशक्तिकरण और अफ्रीका के साथ भागीदारी शमिल है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली बार की तरह ही बैठक से अलग दूसरे देशों के नेताओं के साथ भी मुलाकात और द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस दौरान मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे और जापान, ब्रिटेन तथा कनाडा के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

मोदी-जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता की संभावना बहुत कम

भारत और चीन की सेनाओं के बीच सिक्किम में जारी गतिरोध के मद्देनजर बीजिंग ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता के लिए माहौल ठीक नहीं है। चीन ने हालात को बदतर होने से रोकने और कुछ गंभीर अंजाम को टालने के लिए भारत से अपने सैनिक हटाने की बात कही है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुंग ने कहा, सैनिकों को पीछे हटाना दो पक्षों के बीच किसी सार्थक वार्ता के लिए एक पूर्व शर्त है। जी 20 शिखर सम्मेलन से इतर मोदी और शी के बीच किसी संभावित बैठक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए अभी माहौल ठीक नहीं है। लेकिन फिर भी अगर ऐसा कुछ संभव होता है, तो मीडिया को बता दिया जाएगा।

सम्मेलन का हो रहा है विरोध

अमेरिका द्वारा पेरिस जलवायु समझौते से खुद को अलग किए जाने के कारण जी-20 सम्मेलन का विरोध हो रहा है। हज़ारों प्रदर्शनकारी हैम्बर्ग की सड़कों पर जुटे हुए हैं और ‘नरक में स्वागत है’ की पट्टियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर आगजनी और पुलिस के साथ उनकी झड़प की भी घटनाएं हुई हैं। प्रदर्शनकारी जोम्बी बनकर पूरे शहर में घूम-घूम कर जोम्बी वॉक कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने शिखर सम्मेलन स्थल के पास पानी की बोतलें भी फेंकी हैं। हालांकि जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का पूर्ण आश्वसन दिया है।  शहरभर में 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।

क्या है जी-20?

19 देशों और यूरोपीय संघ के संगठन को ग्रुप ऑफ 20 या जी-20 कहा जाता है। अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनिशया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका जी-20 के सदस्य हैं।

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