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26/11 मुंबई हमले का वो काला दिन आज भी लोगों के जहन से नहीं निकल पाया है। जब लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने वाले 10 आतंकियों ने मुंबई पर हमला कर दिया था। इस हमले का मास्टरमांइड और मोस्ट वॉन्टेड आंतकी हाफिज सईद अपनी रिहाई के बाद खुद को आंतकी मानने के लिए तैयार नहीं है।

सईद ने संयुक्त रांष्ट्र (UN)  से अपील करते हुए एक याचिका दायर की है। इस याचिका में सईद ने कहा कि आतंकियों की लिस्ट से उसका नाम हटा दिया जाए। वो आतंकी नहीं है। सईद के संगठन जमात-उद-दावा की तरफ से यूएन में इस बाबत एक याचिका लगाई है, जिसे लाहौर की एक कानूनी फर्म के माध्यम से दायर किया गया है।

आपको बता दें कि जमात-उद-दावा के सरगना सईद को संयुक्त राष्ट्र ने नवंबर 2008 में हुए मुबंई हमलों के बाद यूएनएससीटी 1267 (यूएन सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉलूशन) के तहत दिसंबर 2008 में आतंकी घोषित किया था। हाफिज सईद को हाल ही में नजरबंदी से रिहाई मिली है।

लश्कर सरगना हाफिज सईद के सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर (64.50 करोड़ रुपया) का इनाम घोषित कर रखा है। हाफिज सईद जनवरी से नजरबंद था। पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को उसे किसी दूसरे मामले में गिरफ्तार करने के बजाय रिहा करने का फैसला किया था।

संयुक्त राष्ट्र लश्कर के मुखौटा संगठन जमात-उद-दावा को पहले ही प्रतिबंधित कर चुका है। सूत्रों ने बताया कि फ्रांस ने हाफिज सईद को आजाद करने के पाकिस्तान के कदम पर नाखुशी जताई है।

आपको बता दें कि शनिवार को व्हाइट हाउस ने बयान जारी करते हुए कहा था कि आतंकी हाफिज का इस तरह से छूट जाना इस बात का सबूत है कि पाकिस्‍तान आतंकी के खिलाफ मुकदमा चलाने में विफल रहा है, जिसका फायदा सीधे तौर पर आंतकी को मिला और वह बरी हो गया।

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