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अमेरिका-पाकिस्तान का एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप मढ़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने तो पाकिस्तान अमेरिका पर दोस्ती तोड़ने का आरोप लगा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट ‘माइक पेंस’ के हालिया बयान ने एक बात साफ कर दी है, कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन पाकिस्तान-अमेरिका की दोस्ती में पड़ी दरार अब कभी नहीं भर सकती। माइक पेंस ने हाल ही में पाकिस्तान पर करारा प्रहार करते हुए कहा, आतंकियों का साथ देना पाकिस्तान को बहुत भारी पड़ेगा, लेकिन अगर पाकिस्तान अमेरिका का साथ देता है तो वह बहुत तरक्की प्राप्त कर सकता है।

बता दे पेंस ने ये ब्यान अपने अफगानिस्तान दौरे के दौरान दिया, वह गुरुवार को अमेरिका के नई साउथ एशिया पॉलिसी का जायजा लेने अफगानिस्तान पहुंचे थे। यहां उन्होंने अफगान लीडरशिप के साथ मीटिंग भी की। जानकारी के लिए बता दे, वाइस प्रेसिडेंट माइक पेंस से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भी पाकिस्तान को आतंवाद को बढ़ावा देने के लिए फटकार लगा चुके हैं, इसके बावजूद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अमेरिका के कई बार चेतावनी के बाद भी वह लंबे समय से तालिबान जैसे कई आतंकी संगठनों को पनाह दे रहा हैं।

पेंस ने बताया कि ट्रम्प सरकार ने अफ्गानितानी सेना को आतंकियों को जड़ से मिटाने के आदेश दिए हैं, अफगानिस्तान के प्रेसिडेंट अशरफ गनी और पीएम अब्दुल्ला अब्दुल्ला से मिलने के बाद पेंस ने कहा कि अमेरिका पूरी कोशिश करेगा कि अफ्गानितान में अमन और चैन बना रहे, साथ ही पाकिस्तान किसी का बाल भी बांका न कर पाएं।

सच्चे मित्र नोटिस के मोहताज नहीं: पाकिस्तान 

अमेरिका के वाईस प्रेसिडेंट ने गुरूवार को एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद का साथ न देने के लिए चेताया, जिसके बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के इस ब्यान की कड़ी निंदा करते हुए प्रतिक्रिया जाहिर की है। शुक्रवार को फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन ने कहा, “सच्चे मित्र कभी भी एक-दूसरे को कभी धमकी नहीं देते हैं न ही नोटिस पर रखते हैं। नोटिस पर तो ड्रग्स प्रोडक्शन में बढ़ोत्तरी, करप्शन, एडमिनिस्ट्रेशन की नाकामी और अफगानिस्तान में ISIS के पैर जमाने जैसे मुद्दों को रखा जाता है। हमें एक-दूसरे को नोटिस पर रखने के बजाय अमन और शांति लाने पर ध्यान देना चाहिए।”

अमेरिका-पाकिस्तान की दोस्ती में दरार

इस मामलें से पहले पाकिस्तान ने अमेरिका पर दोस्ती तोड़ने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नसीर खान जनरल कहा था, एक समय पर अमेरिका और पाकिस्तान अच्छे मित्र हुआ करते थे लेकिन पाकिस्तान को अमेरिका की दोस्ती अब बहुत भारी पड़ रही है। जब से पाकिस्तान ने अमेरिका से गठबंधन किया है, तब से पाकिस्तान को लगातार आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिका आतंकवाद का जिम्मेदार: पाकिस्तान

अमेरिका के पाकिस्तान को आतंकवाद मामलें में चेतावनी देने से पहले पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नसीर खान ने अमेरिका को आतंकवाद का जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने बताया था, पाकिस्तान शुरू से ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, जिसमें पाकिस्तान को भारी हर्जाना चुकाना पड़ा है। अमेरिका, दक्षिण एशिया में चीन के प्रभाव से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक कोरीडोर के खिलाफ साजिश रच रहा है, साथ ही पाकिस्तान-अमेरिका के बीच दरार का मुख्य दोषी अमेरिका है।

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